Nirmala Sitharaman statement on petrol diesel price: मध्य-पूर्व संकट के बीच भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती की है। जानिए नई दरें, उपभोक्ताओं को राहत और सरकार का पूरा फैसला।
Union Finance Minister Nirmala Sitharaman on Petrol-Diesel: मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष के चलते केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Excise Duty Cut in India) में भारी कटौती की है। पेट्रोल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क पहले के 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर उत्पाद शुल्क पहले के 10 रुपए प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत देना है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'जब भी दुनिया में कोई संकट आता है और उसका असर भारत पर पड़ता है, चाहे वह कोविड संकट रहा हो या वर्तमान स्थिति, प्रधानमंत्री की प्राथमिकता यही रहती है कि इसका बोझ जनता पर न पड़े और उन्हें पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी या परेशानी का सामना न करना पड़े।'
उन्होंने आगे कहा, 'इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इसके परिणामस्वरूप पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (विमानन टरबाइन ईंधन) की कीमतों पर भी दबाव बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि उपभोक्ताओं पर इसका असर न पड़े। इसी कारण हमने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को समर्थन देने का निर्णय लिया है, ताकि वे महंगे दामों पर खरीद के बावजूद जनता के लिए कीमतें स्थिर रख सकें।'
उन्होंने बताया, 'राम नवमी के दिन प्रधानमंत्री ने एक आपात बैठक बुलाई, जिसमें इन मुद्दों पर चर्चा की गई और तुरंत निर्णय लिया गया। वित्त मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय ने मिलकर आवश्यक कार्यवाही पूरी की और आज इस निर्णय की घोषणा की गई।'
वित्त मंत्री ने कहा कि उत्पाद शुल्क में कटौती का एक उद्देश्य तेल विपणन कंपनियों को राहत देना भी है, जो कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण दबाव में हैं। उन्होंने कहा, 'विदेशों में कीमतें बढ़ने के कारण कंपनियां खरीद कम कर सकती हैं, लेकिन ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए। उन्हें निरंतर खरीद और आयात करना चाहिए, ताकि देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।'
उन्होंने आश्वस्त किया, 'इस निर्णय के बाद पेट्रोल, डीजल और कच्चे तेल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं होगी। जनता को समय पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा।'
वित्त मंत्री ने बताया कि विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया गया है, ताकि घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा, “एटीएफ बहुत महत्वपूर्ण ईंधन है। भारत की विमानन कंपनियों के लिए इसकी उपलब्धता आवश्यक है। देश में कई रिफाइनरियां विदेशों से कच्चा तेल लाकर उसे परिष्कृत करती हैं और फिर निर्यात करती हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'अब निर्यात पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने का उद्देश्य यह है कि कंपनियां एटीएफ को विदेश भेजने के बजाय घरेलू बाजार में बेचें, जिससे देश में इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।'