Delhi Meerut Rapid Rail: भारत की पहली रैपिड रेल के अंदर की तस्वीरें आज सामने आई है। शुक्रवार को दिल्ली मेरठ रैपिड रेल Delhi Meerut Rapid Rail का ट्रायल रन हुआ। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने मीडिया को भी ट्रेन के अंदर की झलक दिखाई। साथ ही अधिकारियों ने इस ट्रेन की खासियतें भी बताई।
Delhi Meerut Rapid Rail: भारत की बहुप्रतिक्षित रैपिड रेल सेवा के जल्द शुरू होने की उम्मीद तेज हो गई है। दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली इस वर्ल्डक्लास सुपर फास्ट ट्रेन के अंदर की पहली झलक शुक्रवार को सामने आई, जिससे रैपिड रेल की खासियतों का अंदाजा लगाया जा सकता है। दरअसल शुक्रवार को दिल्ली मेरठ रैपिड रेल Delhi Meerut Rapid Rail का ट्रायल रन हुआ। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने मीडिया को भी ट्रेन के अंदर की झलक दिखाई। साथ ही अधिकारियों ने इस ट्रेन की खासियतें भी बताई। अधिकारियों ने बताया कि इस ट्रेन में एयरपोर्ट मेट्रो की तरह समान रखने की सुविधा के साथ ही मोबाइल, लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट्स और वाईफाई भी दिया गया है। इसमें अलग-अलग 3 तरह के कोच हैं। रैपिड रेल में एक प्रीमियम कोच और एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। ट्रायल रन सफल रहा। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली मेरठ रैपिड रेल के पहले खंड साहिबाबाद से दुहाई तक इसकी सेवा जल्द शुरू होगी।
विमान के शेप में डिजाइन, 150 यात्रियों की झमता-
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल को एक विमान के शेप में डिजाइन किया गया है। ट्रेन की गति को भी ध्यान में रखते इसे डिजाइन किया जाता है। रैपिड रेल की में शुरुआत में छह कोच होंगे, जिसे उपयोग के आधार पर बढ़ाकर 9 तक किया जाएगा। एक कोच में 72 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। बैठे और खड़े यात्रियों को मिलाकर एक कोच में 150 यात्रियों की क्षमता होगी। वहीं पूरी ट्रेन 1700 यात्रियों को सफर करने की क्षमता है।
आखिरी डिब्बे में स्ट्रेचर की भी सुविधा, सभी कोच में CCTV-
रैपिड रेल के सभी कोच सीसीटीवी कैमरे से लैस होंगे। खास बात ये है कि रेल कोच के आखिरी डिब्बे में स्ट्रेचर का इंतेजाम किया गया है। अगर किसी मरीज को मेरठ से दिल्ली रेफर किया जाता है, तो इसके लिए एक अलग कोच की व्यवस्था है, ताकि कम कीमत में मरीज को पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही रैपिड मेट्रो में दिव्यांगों के लिए अलग सीट्स तैयार की गई हैं। जिन्हें इस्तेमाल न होने पर मोड़ा जा सकेगा।
ऑटोमेटिंग दरवाजे, डायनेमिक रुट मैप सहित अन्य हाईटेक सुविधाएं-
अधिकारियों ने बताया कि रैपिड रेल की सीटें बेहद आरामदायक बनाए गए हैं। ट्रेन में एडजेस्टेबल चेयर है इसके साथ ही खड़े होने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। ट्रेन में बड़ी-बड़ी खिड़कियां, इंटेग्रेटेड एसी सिस्टम, ऑटोमेटिक डोर कंट्रोल सिस्टम, समान रखने की जगह, ड्राइवर से बातचीत के लिए सिस्टम, डायनेमिक रुट मैप, इंफोटेंटमेंट सिस्टम जैसी तमाम सुविधाएं यात्रियों को रैपिड रेल के कोच में देखने को मिलेंगी। सीसीटीवी, ऑटोमेटिंग दरवाजे जैसे तमाम हाईटेक फीचर्स रैपिड रेल में मौजूद है।
82 किमी का रूट, बनाए गए 25 स्टेशन-
दिल्ली से मेरठ तक का रूट 82 किलोमीटर का है, जिसमें 14 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में है, जबकि दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ तक 25 स्टेशन हैं। रैपिड रेल की अधिकतम रफ्तार 180 किमी प्रतिघंटा होगी। यानी इस ट्रेन से यात्री एक घंटे से भी कम समय में दिल्ली से मेरठ तक का सफर तय कर सकेंगे। वहीं हर पांच से दस मिनट के अंतराल में ये ट्रेन स्टेशन से चलेगी।
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तीन खंड में पूरा होगा प्रोजेक्ट, पहले खंड का काम लगभग पूरा-
दिल्ली से मेरठ के बीच वर्ष 2025 में रैपिड ट्रेन का परिचालन किया जाना है। इस पूरे रेलवे कॉरिडोर को तीन खंड में पूरा किया जाना है। रैपिड रेल के इसी पहले खंड को जो साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर लंबा है। इसे अगले महीने से यात्रा के लिए शुरू किया जाना है। इस खंड पर ट्रैक बनाने का कार्य पूरा हो गया है, ओवरहेड इक्विपमेंट लाइन के इंस्टालेशन का कार्य भी लगभग पूरा हो गया है और अब ट्रायल रन किया जा रहा है।
अगले महीने से पहले खंड पर दौड़ने लगेगी रैपिड रेल-
अगले महीने से यह दुहाई डिपो से साहिबाबाद के बीच यात्रियों के लिए 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ने लगेगी। इस रूट पर 5 स्टेशन हैं। जिसमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो हैं। इस यात्रा के दौरान यात्री यहां पर मोबाइल और कार्ड के माध्यम से भी टिकट खरीद सकेंगे। फिलहाल रैपिड रेल के छह कोच बनकर तैयार हो गए हैं और इनका ट्रायल रन किया जा रहा है।
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