Flood In Gujarat जामनगर, राजकोट और जूनागढ़ में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ से बुरा हाल, NDRF की 6 टीमों ने संभाला मोर्चा, लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नई दिल्ली। गुजरात के कई इलाकों में बारिश और बाढ़ ( Flood In Gujarat ) से हालात बहुत खराब हो गए हं। भारी बारिश ( Heavy Rainfall ) के बाद सड़कें दरिया बन गई हैं। सड़कों पर जल भराव के चलते कई लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कई इलाकों में तो बाढ़ से हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों की सांसें तक अटक हुई हैं। राजकोट ( Rajkot ) और जामनगर ( Jamnagar ) जैसे शहरों में सबसे ज्यादा स्थिति खराब है। यहां बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ ( NDRF ) ने मोर्चा संभाला है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हेलिकॉप्टर तक उतारने पड़े हैं।
जूनागढ़ में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे स्थिति हो गई है। सबसे खराब हालात जामनगर के हैं। जहां 35 गांवों का संपर्क ही कट गया है। NDRF की 6 टीमें और वायुसेना के 4 हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
18 बांध ओवरफ्लो
भारी बारिश के बाढ़ ने हाहाकार मचा रखा है। अकेले जामनगर में 18 बांध ओवरफ्लो हो चुके हैं। इसकी वजह से कई इलाके पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं।
कई इलाकों में मकानों की पहली मंजिल तक पानी भर गया है। बाढ़ से बचाव के लिए ज्यादातर लोग अपने मकानों की छतों पर पहुंच गए हैं, ताकि सुरक्षित रह सकें।
नदियां उफान पर
NDRF की टीम घर में फंसे लोगों को निकाल रही है। भारी बारिश के कारण जामनगर और आस-पास के इलाकों में नदियां उफान पर हैं।
कई जगह नदियां खतरे का निशान पार कर चुकी हैं। ऐसे में आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। हालात को देखते हुए कई गांवों को अलर्ट किया गया है. साथ ही लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है।
IMD ने जारी किया अलर्ट
भारी बारिश के चलते राजकोट का हाल भी बुरा है। यहां सड़कों पर सैलाब जैसे हालात बने हुए हैं। रस्सी के सहारे पानी में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है।
इस बीच मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों के लिए गुजरात में भारी बारिश ( Heavy Rainfall ) का अलर्ट भी जारी किया है।
मौसम विभाग ने गुजरात के तटीय इलाकों खासकर जामनगर, जूमागढ़, पोरबंदर, द्वारका, ओखा, राजकोट के कई हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह भी दी गई है।