राष्ट्रीय

भारतीय सशस्त्र बलों में अभिवादन के लिए बोला जाने वाला ‘जय हिंद’ शब्द कहां से आया? पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने बताया इसका इतिहास

भारतीय सशस्त्र बलों के जवान अभिवादन के रूप में 'जय हिंद' बोलते हैं। अभिवादन में सशस्त्र बलों ने 'जय हिंद' बोलना कब शुरू किया, आइए जानते हैं…
2 min read
• •
Updated: 28 Apr 2026, 2:03 AM IST
Manoj Naravane warning
Manoj Naravane warning: नरवणे ने चीन-पाकिस्तान से ज्यादा किस बात की चिंता जताई? नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार तक जुड़ती है भारत की सुरक्षा कहानी (Image: IANS)

पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Former Army Chief General Manoj Mukund Naravane) ने अपनी पुस्तक में खुलासा किया है कि भारतीय सशस्त्र बलों में सर्वव्यापी अभिवादन 'जय हिंद' का प्रयोग कब शुरू किया था। जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) ने अपनी पुस्तक 'द क्यूरियस एंड द क्लासिफाइड: अनअर्थिंग मिलिट्री मिथ्स एंड मिस्ट्रीज' में अभिवादन के रूप में 'जय हिंद' शब्द के उपयोग की शुरुआत के बारे में विस्तार से बताया है।

भारतीय वायुसेना के बाद नौसेना ने अपनाया 'जय हिंद'

PTI के मुताबिक, पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने पहले अभिवादन के रूप में 'जय हिंद' कहना शुरू किया था। बाद में इसे भारतीय नौसेना और थल सेना ने भी अपना लिया। नरवणे ने कहा- सलाम करते समय हम 'जय हिंद' कहते हैं और व्याख्यानों में भी 'जय हिंद' के साथ अभिवादन करते हैं। यह 'जय हिंद' कहाँ से आया? इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। यह मेरे लिए भी एक चौंकाने वाला खुलासा था। नरवणे ने कहा कि मैंने लाखों बार 'जय हिंद' कहा होगा, लेकिन इसकी असली शुरुआत के बारे में मुझे जानकारी नहीं थी।

'जय हिंद' से पहले क्या कहा जाता था?

पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे ने बताया कि स्वतंत्रता से पहले भारतीय सशस्त्र बलों में अभिवादन का तरीका मौन सलामी था। बाद में विभिन्न रेजिमेंटों ने अपने-अपने सांस्कृतिक अभिवादन जोड़ने शुरू कर दिए, जैसे- सिख रेजिमेंट में 'सत श्री अकाल' और कुछ रेजिमेंटों में 'राम राम' बोला जाने लगा। इसके बाद भारतीय वायु सेना ने सलामी देते समय 'जय हिंद' कहना शुरू किया। वायु सेना द्वारा इसे अपनाए जाने के कुछ ही समय बाद भारतीय नौसेना और थल सेना ने भी इस अभिवादन को अपना लिया।

जनरल नरवणे ने जोर देकर कहा कि 'जय हिंद' शब्द की जड़ें भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हैं। यह शब्द स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रवाद की भावना को व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल होता था, जो बाद में सशस्त्र बलों का आधिकारिक अभिवादन बन गया। पूर्व सेना प्रमुख की इस पुस्तक में सैन्य इतिहास से जुड़े कई ऐसे मिथक और अनकहे तथ्य सामने आए हैं, जो आम पाठकों के साथ-साथ सैन्य अधिकारियों के लिए भी नई जानकारी लेकर आए हैं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी है 'जय हिंद' की कहानी

अभिवादन के लिए बोले जाने वाले शब्द 'जय हिंद' की कहानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 'आजाद हिंद फौज' बनाई थी। सुभाष चंद्र बोस ने सबसे पहले 'आजाद हिंद फौज' में 'जय हिंद' से अभिवादन या सलाम करने का कायदा बनाया था।

सुभाष चंद्र बोस की 'आजाद हिंद फौज' के गठन के समय मेजर जनरल शाहनवाज खान, कर्नल प्रेम सहगल और कर्नल गुरुबख्श सिंह ढिल्लो जैसे बड़े अफसरों नेताजी का साथ दिया। ये सभी अधिकारी ब्रिटिश सेना से बगावत करके तकरीबन 20 से 25 हजार सैनिकों ने नेताजी की फौज में शामिल हो गए थे।

Updated on:
28 Apr 2026, 2:03 AM IST
Published on:
Also Read
View All
हॉर्मुज में तीन तेल टैंकरों में लगी भीषण आग, ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, कहा- अब और जोरदार हमला करेंगे

जाति जनगणना से किसान आंदोलन तक… जयराम रमेश ने दिवाली पर PM मोदी को पुराने बयानों की दिलाई याद

कोलकाता में लिव-इन पार्टनर की हत्या, विवाद के बाद धारदार हथियार से किया हमला; प्रेमिका और उसकी मां गिरफ्तार

बाबरी मस्जिद विध्वंस पर सोनिया गांधी के बयान का उदित राज ने किया समर्थन, बोले- 25 करोड़ मुसलमानों को अलग-थलग कर कैसे होगा देश का विकास?

बेटे की हत्या के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप! परविंदर झोटा के पिता बोले- जब तक दोषी जेल नहीं जाएंगे, चैन से नहीं बैठेंगे