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महाराष्ट्र में भ्रूण लिंग जांच रैकेट का बड़ा खुलासा, पूर्व IMA अध्यक्ष भेजे गए जेल, अदालत में नहीं मिली राहत

Former IMA President Arrested: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में अवैध प्रीनेटल जांच रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। पूर्व IMA अध्यक्ष डॉ. रवींद्र कुटे समेत कई लोगों पर कार्रवाई हुई है। मामले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की जांच तेज हो गई है।

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May 12, 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर

Maharashtra Prenatal Test Racket: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में पुलिस ने एक बड़े भ्रूण लिंग जांच रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग पैसों के बदले गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग बता रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीम बनाकर राहाता तालुका के एक ठिकाने पर छापा मारा। रेड के दौरान कई गर्भवती महिलाएं मौके पर मिलीं। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि यह काम लंबे समय से गुप्त तरीके से चल रहा था। इस मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र IMA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रवींद्र कुटे को न्यायिक हिरासत के लिए भेज दिया है और उनके समेत 12 लोगों को इस ममाले में गिरफ्तार किया है।

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पूर्व IMA अध्यक्ष पर लगे गंभीर आरोप

इस मामले में महाराष्ट्र IMA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रवींद्र कुटे का नाम सामने आने से मेडिकल जगत में हलचल मच गई है। पुलिस का दावा है कि अवैध लिंग जांच के बाद कुछ महिलाओं का गर्भपात भी उनके अस्पताल में कराया गया। डॉ. कुटे श्रीरामपुर के जाने-माने सर्जन माने जाते हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

कैसे किया रैकेट का खुलासा?

पुलिस ने इस रैकेट का भंडाफोड़ करने के लिए खास योजना बनाई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि 10 हजार रुपये लेकर भ्रूण लिंग जांच की जा रही है। उसके बाद पुलसि ने एक महिला कांस्टेबल को ग्राहक बनाकर उस जगह भेजा गया, जहां गुप्त रूप से जांच की जा रही थी। जब पूरी जानकारी पक्की हो गई, तब पुलिस टीम ने रेड की। छापेमारी में आठ गर्भवती महिलाएं मिलीं, जिन्होंने जांच करवाने के लिए पैसे दिए थे। पुलिस ने महिलाओं के साथ उनके पतियों और कुछ एजेंटों को भी गिरफ्तार किया है।

IMA और मेडिकल काउंसिल का रुख

मामले के सामने आने के बाद महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल ने डॉ. रवींद्र कुटे को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला लिया है। काउंसिल उनसे पूछेगी कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों न की जाए। वहीं IMA महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कुलकर्णी ने भी डॉ. कुटे से लिखित जवाब मांगा है। इस बीच IMA की वर्चुअल बैठक में फैसला लिया गया कि डॉ. कुटे को संगठन की सदस्यता से मिलने वाले सभी विशेषाधिकारों से निलंबित किया जाए। मामले की पूरी रिपोर्ट IMA मुख्यालय, नई दिल्ली को भी भेज दी गई है।

IMA के पूर्व अध्यक्षों ने जताया अफसोस

महाराष्ट्र IMA के कई पूर्व पदाधिकारियों ने डॉ. रवींद्र कुटे का नाम इस मामले में आने पर अफसोस जताया है। उनका कहना है कि जिस संगठन ने सालों तक कन्या भ्रूण हत्या रोकने और ‘बेटी बचाओ’ जैसे अभियानों में बढ़-चढ़कर काम किया, उसी से जुड़े एक बड़े डॉक्टर पर ऐसे आरोप लगना बहुत शर्मनाक है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आयुर्वेदिक डॉक्टर राहुल भनगे पर अल्ट्रासाउंड मशीन से अवैध लिंग जांच करने का आरोप है और उनके खिलाफ अलग से अदालत में केस दर्ज किया जाएगा।

अस्पताल के दस्तावेजों में भी मिली गड़बड़

जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग को डॉ. रवींद्र कुटे के अस्पताल से जुड़े कई रिकॉर्ड में अनियमितताएं मिली हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल का रजिस्ट्रेशन समय पर रिन्यू नहीं कराया गया था। इसके अलावा यह अस्पताल मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) के लिए अधिकृत केंद्र के रूप में भी पंजीकृत नहीं था। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डॉ. कुटे एक जनरल सर्जन हैं, इसलिए नियमों के अनुसार अस्पताल को इस तरह की अनुमति नहीं मिली थी।

महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रही सख्ती

महाराष्ट्र में बेटियों के खिलाफ हो रहे अपराध रोकने के लिए सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है पिछले चार साल में 286 छापों में सिर्फ 31 मामलों का खुलासा हो पाया। सरकार का कहना है कि PC-PNDT कानून को अब और सख्ती से लागू किया जाएगा। पिछले 20 वर्षों में इस कानून के तहत 627 केस दर्ज हुए, जिनमें 129 मामलों में सजा हुई है। वहीं कई केस अभी भी अदालतों में लंबित हैं। राज्य सरकार अब इस तरह के रैकेट पर MCOCA जैसे सख्त कानून लगाने पर भी विचार कर रही है।

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