पूर्व भारतीय राजनयिक सुरेंद्र कुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सलाह दी है कि नार्को-टेररिज्म से लड़ना जरूरी है, लेकिन किसी देश के कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।
वेनेजुएला में अमेरिकी हमले के बाद से दुनिया भर में बवाल मचा है। इस बीच, पूर्व भारतीय राजनयिक सुरेंद्र कुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अहम सलाह दे दी है।
उन्होंने मंगलवार को कहा कि नार्को-टेररिज्म से लड़ना जरूरी है, लेकिन किसी भी देश के कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।
उन्होंने यह बात वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और वेनेजुएला के तानाशाह निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़े जाने के संदर्भ में कही।
कुमार ने कहा कि इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय कानून, राष्ट्रीय संप्रभुता और लैटिन अमेरिका के देशों को दिए जा रहे संदेश पर गंभीर सवाल उठते हैं।
कुमार ने कहा- ड्रग तस्करी, आतंकवाद, नार्को आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय खतरे से लड़ना चाहिए। लेकिन आप जिस तरह से इससे लड़ रहे हैं, वह सही नहीं है।
पूर्व राजनयिक ने आगे कहा- किसी देश में घुसना और उस देश के नेता को उठा लेना इससे बहुत सारी दिक्कतें पैदा होती हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और आप दूसरों को किस तरह का संदेश देते हैं, इसका सवाल है। अगर आपके पास शक्ति है, तो आप ऐसा कर सकते हैं, लेकिन आपको ऐसा नहीं करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के कई देशों ने पहले ही इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कुमार ने कहा- मेक्सिको, कोलंबिया, क्यूबा और चिली ने इसका विरोध किया है।
कुमार ने कहा कि आपने लैटिन अमेरिकी देशों को इस तरह की कार्रवाई से जो संदेश भेजा है, इससे उनकी भावनाएं और भड़केंगी। दरअसल, इन देशों को हमेशा यह शिकायत रहती है कि अमेरिका उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता है।
पूर्व राजनयिक ने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा- वेनेजुएला में उपराष्ट्रपति ने अब राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है, उम्मीद है कि चीजें शांत हो जाएंगी और मुद्दा हल हो जाएगा, लेकिन संदेश अच्छा नहीं है। मैं नार्को आतंकवाद से लड़ने के पक्ष में हूं, लेकिन किसी एक देश को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।