राष्ट्रीय

Anand Mohan released jail : पूर्व सांसद आनंद मोहन 15 दिन की पैरोल पर जेल से रिहा, उपचुनाव में पड़ेगा असर

Anand Mohan Parole बिहार में गोपालगंज और मोकामा विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन बुधवार को 15 दिन के पैरोल पर जेल से रिहा किया गया है। गोपालगंज विधानसभा सीट और मोकामा विधानसभा सीट के लिए 3 नवंबर को वोटिंग होगी और नतीजे 6 नवंबर को आएंगे।राजनीतिक गलियारों में चर्चा आम हो गई है कि, यह इन उपचुनाव में असर डालेगा।
2 min read
• •
Updated: 2 Nov 2022, 2:32 PM IST
anand_mohan.jpg

बिहार में गोपालगंज और मोकामा विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन बुधवार को 15 दिन के पैरोल पर जेल से रिहा किया गया है। मुजफ्फरपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बाहुबली आनंद मोहन को 15 दिन की पैरोल दी। आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद और बेटे चेतन आनंद राजद में हैं। चेतन आनंद भी पार्टी के विधायक हैं। आनंद मोहन राजपूत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और उत्तर बिहार के सहरसा, गोपालगंज, मधेपुरा और अन्य जिलों में उनका एक बड़ा वोट बैंक है। गोपालगंज विधानसभा सीट और मोकामा विधानसभा सीट के लिए 3 नवंबर को वोटिंग होगी और नतीजे 6 नवंबर को आएंगे।

इस मामले में आनंद मोहन को हुई थी सजा

आनंद मोहन 1994 में मुजफ्फरपुर में गोपालगंज जिलाधिकारी जी कृष्णय्या की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। अंडरवर्ल्ड डॉन छोटन शुक्ला के अंतिम संस्कार के दौरान उनकी कार पर हमला होने पर कृष्णय्या की मौत हो गई थी।

साधु यादव फैक्टर राजद को पहुंचा सकता है नुकसान

सूत्रों ने बताया कि, राजद गोपालगंज और मोकामा उपचुनाव से पहले उनकी रिहाई की मांग कर रही थी। खासतौर पर गोपालगंज सीट पर राजद प्रत्याशी की जीत आसान नहीं है। गोपालगंज में आरजेडी और भाजपा के बीच मुकाबला है, लेकिन साधु यादव फैक्टर राजद को नुकसान पहुंचा सकता है। भाजपा के पास सवर्ण और व्यापारियों के अपने मूल मतदाता हैं। राजद के पास मुस्लिम, यादव, दलित और महादलित समुदाय के मतदाता हैं।

गोपालगंज उपचुनाव में है घमासान

गोपालगंज में साधु यादव की पत्नी इंदिरा यादव, राजद प्रत्याशी मोहन प्रसाद गुप्ता और भाजपा प्रत्याशी कुसुम देवी मैदान में हैं। गोपालगंज लालू यादव का गृह जिला है। इंदिरा यादव, साधु यादव की पत्नी हैं। और तेजस्वी यादव की मामी हैं।

आनंद मोहन की रिहाई के बाद, गोपालगंज में राजपूत मतदाता राजद की ओर रुख कर सकते हैं। इसे भाजपा उम्मीदवारों का मुकाबला करने का एक तरीका बताया जाता है। और तेजस्वी यादव अपने चाचा साधु यादव का मुकाबला करने के लिए गोपालगंज में बार-बार अपने पिता लालू प्रसाद का नाम ले रहे हैं।

Updated on:
2 Nov 2022, 2:32 PM IST
Published on: