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सुप्रीम कोर्ट में सुलझा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पत्नी पायल का विवाद, 17 साल बाद एक दूसरे से हुए अलग

Omar Abdullah Payal Nath Divorce: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल नाथ के बीच तलाक पर आपसी सहमति बन गई है। सुप्रीम कोर्ट ने समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि मामले का निस्तारण इसी आधार पर किया जाएगा।
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भारत

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Rahul Yadav

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Updated: 31 Jul 2026, 4:05 PM IST

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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पायल नाथ (फोटो सोर्स - सोशल मीडिया - एडिटेड बाई चैटजीपीटी)

Omar Abdullah Divorce: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल नाथ के बीच लंबे समय से चल रहा तलाक का विवाद अब सुलझ गया है। दोनों ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आपसी सहमति से सभी विवादों का निपटारा कर लिया गया है। इसके बाद अदालत ने कहा कि समझौते की शर्तों के आधार पर मामले का निस्तारण किया जाएगा। सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बताया कि दोनों ने अलग-अलग रास्ते चुनने का फैसला किया है और लंबित सभी मामलों को भी वापस लिया जाएगा। अदालत ने इसे सकारात्मक पहल बताया है।

आपसी सहमति से लिया अलग होने का फैसला

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि पति-पत्नी के बीच सभी विवाद आपसी सहमति से सुलझ गए हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि दोनों ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत संयुक्त आवेदन दाखिल किया है और अब विवाह समाप्त करने का अनुरोध किया है। सिब्बल ने कहा कि दोनों ने अलग-अलग रास्ते चुनने का फैसला किया है।

एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज सभी मामले होंगे वापस

सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ लंबित सभी मामलों को वापस लेने पर सहमति जताई है। इस पर न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि समझौते की सभी शर्तों को रिकॉर्ड पर लिया जाएगा और इन्हीं के आधार पर मामले का निस्तारण किया जाएगा। अदालत ने इसे सकारात्मक कदम बताया।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले भेजा था मेडिएशन सेंटर

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को विवाद सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट मेडिएशन सेंटर भेजा था। पिछली सुनवाई में अदालत ने दोनों से गंभीरता के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की सलाह दी थी और उम्मीद जताई थी कि वे आपसी सहमति से विवाद खत्म करेंगे। अब दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद अदालत ने मामले के निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।

हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती

उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें फैमिली कोर्ट के तलाक से इनकार करने के फैसले को बरकरार रखा गया था। फैमिली कोर्ट ने अगस्त 2016 में उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि वे विवाह के पूरी तरह टूट जाने और लगाए गए आरोपों को साबित नहीं कर सके। दिसंबर 2023 में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस फैसले को सही माना था।

1994 में हुई थी शादी, 2009 से रह रहे हैं अलग

उमर अब्दुल्ला और पायल नाथ की शादी 1 सितंबर 1994 को हुई थी। दोनों की लव मैरिज थी और उनके दो बेटे हैं। हालांकि, साल 2009 से दोनों अलग रह रहे हैं। उमर अब्दुल्ला ने फैमिली कोर्ट में परित्याग (Desertion) और क्रूरता (Cruelty) के आधार पर तलाक की मांग की थी। अब करीब 17 साल बाद दोनों ने आपसी सहमति से विवाह समाप्त करने का फैसला किया है।