Tamil Nadu Election: प्रदेश में BJP AIADMK के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन का हिस्सा है। इस गठबंधन में बीजेपी को 27 सीटें मिली हैं।
Tamil Nadu Assembly Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को बीजेपी ने अपनी लिस्ट जारी कर दी। इस सूची में 27 प्रत्याशियों के नाम हैं। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री से लेकर राज्यपाल तक और कई कद्दावर नेताओं को टिकट दिया है। हालांकि सबसे चौंकाने वाली बात भी सामने आई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई का नाम नहीं है। दरअसल, उनके नाम को लेकर काफी चर्चा चल रही थी।
पार्टी ने तमिलिसाइ सौंदरराजन को मायलापुर से, वनाथी श्रीनिवासन को कोयंबटूर (उत्तर) से, एल मुरुगन को अवनाशी (SC) से और नैनार नागेंद्रन को सत्तूर से उम्मीदवार बनाया है।
इसके अलावा एम. राजसिंहा महेंद्र को अवाडी, नागेश कुमार को थल्ली, सी. एलुमलाई को तिरुवन्नामलाई, एस. डी. प्रेमकुमार को रासिपुरम, कीर्तिका शिवकुमार को मोडक्कुरिची, भोजराजन को ऊधगमंडलम, एस. थंगराज को तिरुप्पुर (दक्षिण), गोवी चंद्रू को तिरुवरुर और एम. मुरुगानंदम को तंजावुर से टिकट दिया है।
प्रदेश में BJP AIADMK के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन का हिस्सा है। इस गठबंधन में बीजेपी को 27 सीटें मिली हैं। शुक्रवार को सभी सीटों के लिए पार्टी ने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 20 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन महज 4 सीटों पर ही जीत मिली थी।
प्रत्याशियों की लिस्ट आने से पहले अन्नामलाई के नाम को लेकर काफी चर्चा चल रही थी। पिछले चुनाव में अन्नामलाई ने बीजेपी की सियासी उम्मीदों को उभारा था। हालांकि पार्टी द्वारा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को टिकट नहीं देने पर कहना है कि उनका रोल पार्टी की रणनीति से लेकर चुनाव प्रचार तक रहेगी। दरअसल, के. अन्नामलाई ने IPS की नौकरी छोड़कर BJP जॉइन की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी द्वारा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई को टिकट नहीं देने की वजह एआईएडीएमके के साथ तल्ख रिश्ते भी माना जा रहा है। हालांकि पहली लिस्ट जारी होने के बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने सभी प्रत्याशियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि वे एनडीए को 210 सीटें दिलाने के उद्देश्य से सभी प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे।
तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें है। इन सीटों पर एक चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। किसी भी गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होगी।