
Sukhendu Sekhar Roy Joins BJP: तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंद्र शेखर रॉय ने अपने फैसले की वजह बताई है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे थे।
रॉय ने कहा कि मैं पिछले 59 साल से राजनीति में हूं। सीपीएम और नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, लेकिन पिछले 50 साल मैं एक गुंडों की पार्टी के साथ जुड़ा रहा। आखिरकार मुझे यकीन हो गया कि अब इस पार्टी के साथ नहीं रहना चाहिए।
आरजी कर मामले में जब उन्होंने अपना रुख साफ किया, उसके बाद उन पर भारी दबाव पड़ा। धमकी भरे फोन आने लगे। यहां तक कि बेटी को अगवा करने की धमकी भी मिली। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि यह सरकार गिर जाएगी और पार्टी खत्म हो जाएगी। अब उनकी राय है कि पार्टी तो खत्म हो चुकी है और सरकार भी ढह गई है।
सुखेंद्र शेखर रॉय का यह बयान पश्चिम बंगाल की सियासी हलचल को और तेज कर गया है। लंबे समय तक तृणमूल के साथ रहने वाले नेता के भाजपा में आने से विपक्ष को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उन्होंने साफ कहा कि अब सही समय आ गया है और वे अपनी राजनीतिक राह बदल रहे हैं।
कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि यह बहुत आसान है। अगर आप संगठन के प्रति समर्पित हैं और लोगों की सेवा करना चाहते हैं, तो BJP ही एक ऐसी पार्टी है जो मेरिट (योग्यता) के आधार पर काम करती है, न कि पक्षपात, 'किचन कैबिनेट' या गुटबाजी के आधार पर। अगर आप INDIA गठबंधन और उसमें शामिल पार्टियों को देखें, तो वहां सब कुछ गुटबाजी और 'किचन कैबिनेट' का ही खेल है।
TMC के तीन पूर्व सांसदों के BJP में शामिल होने पर TMC सांसद डोला सेन ने कहा कि यह एक लोकतांत्रिक देश है। उन्हें जो करना है करने दें, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। जनता ही आखिरी फैसला करेगी।