TMC से निलंबित रिजु दत्ता ने पश्चिम बंगाल की नई शुभेन्दु सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने बीजेपी सरकार के शुरुआती फैसलों की तारीफ करते हुए SIR विवाद और TMC की हार पर भी खुलकर बात की।
Riju Dutta on Shubhendu Adhikari Government: तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित किए गए रिजु दत्ता ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की नई शुभेंदु सरकार को लेकर हैरान करने वाला लेकिन संतुलित बयान दिया। उन्होंने बीजेपी की कोलकाता में बनी पहली सरकार को लेकर इंतजार करो और देखो की नीति अपनाने की बात कही।
ANI से बातचीत में रिजु दत्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार का यह शुरुआती दौर हनीमून फेज जैसा है। उनका कहना था कि राजनीतिक माहौल भले ही गरम हो, लेकिन लोगों को अभी से किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने विपक्ष के नेता से रणनीतिकार बने शुभेन्दु सरकार का जिक्र करते हुए कहा, 'सुभेन्दु अधिकारी कोई हैरी पॉटर नहीं हैं, जो जादू की छड़ी घुमाकर बंगाल की सारी समस्याएं तुरंत खत्म कर देंगे। सरकार को काम करने के लिए थोड़ा समय देना होगा।'
दत्ता ने नई सरकार के शुरुआती फैसलों की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट में लिए गए कई फैसले अच्छे हैं और सरकार फिलहाल सही दिशा में काम करती दिख रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को आगे भी इसी तरह काम जारी रखना होगा।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी रिजु दत्ता ने अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के लिए सिर्फ SIR को जिम्मेदार ठहराना जनता का अपमान होगा।
दत्ता के मुताबिक, TMC की हार के पीछे कई वजहें थीं, जिनमें रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया में करीब 91 लाख नाम हटाए गए, जिनमें से 26-27 लाख मामले अब भी ट्रिब्यूनल में लंबित हैं। इसके बावजूद टीएमसी को 41 प्रतिशत वोट मिले और बीजेपी से लगभग 32 लाख वोटों का अंतर रहा।
उन्होंने कहा, यह भी सच है कि बंगाल में 93 प्रतिशत मतदान हुआ, जो आजादी के बाद सबसे ज्यादा था। ऐसे में अगर हम कहें कि हम नहीं हारे, SIR ने हमें हराया, तो यह बंगाल की जनता के फैसले का अपमान होगा। हमें जनता के फैसले को विनम्रता से स्वीकार करना चाहिए।
रिजु दत्ता ने TMC की अंदरूनी राजनीति पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह उन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें पार्टी ने खुद बाहर का रास्ता दिखाया। उन्होंने तपस रॉय और निसिथ प्रामाणिक जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि ये लोग पार्टी छोड़कर नहीं गए, बल्कि उन्हें धक्का देकर बाहर किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को मुश्किल समय में अकेला छोड़ देती है। दत्ता ने कहा, 'चुनावी लड़ाई सिर्फ फेसबुक, ट्विटर और सोशल मीडिया से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए जमीन पर मजबूत संगठन और कार्यकर्ताओं का साथ जरूरी होता है।'
TMC ने पार्टी अनुशासन तोड़ने और अनुशासन समिति के समन का पालन नहीं करने के आरोप में रिजु दत्ता को छह साल के लिए निलंबित किया था। पार्टी की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि दत्ता लगातार पार्टी और नेतृत्व के खिलाफ सार्वजनिक बयान दे रहे थे।