
Online Medicine Scam: गुजरात में प्रतिबंधित दवाएं ऑनलाइन बेचकर 5000 लोगों से ठगी का मामला सामने आया है। गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन ठगी और एक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित दवाओं के लुभावने विज्ञापन देकर लोगों को फंसाता था और बाद में पुलिस अधिकारी बनकर उन्हें डरा धमका कर पैसे वसूलता था। पुलिस ने देशभर में करीब 4,000 से 5,000 लोगों के साथ ठगी की आशंका जताई है।
आरोपी सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित दवाओं के विज्ञापन चलाते थे। ग्राहक दवाएं कूरियर के जरिए कैश ऑन डिलीवरी पर मंगाते थे। पार्सल मिलने और भुगतान करने के बाद गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर फोन कर ग्राहक को धमकाते थे। आरोपी डिजिटल अरेस्ट के पैटर्न पर संबंधित व्यक्ति को खरीदी गई दवा प्रतिबंधित है और उसके खिलाफ मामला दर्ज होने की बात कहकर गिरफ्तारी से बचाने के लिए पैसों की डिमांड करते थे ।
ठग पार्सल नहीं लेने वाले ग्राहकों से भी पैसों की वसूली करने में नहीं चूकते थे। ग्राहकों को पहले डॉक्टर और फिर पुलिस अधिकारी बनकर एफआईआर दर्ज होने का हवाला देकर फोन पर धमकाते और मामला खत्म करने की एवज में एक लाख रुपए तक की डिमांड करते थे।
पुलिस की जांच में आरोपियों के 14 बैंक खातों की डिटेल मिली है जिसमें करीब 5 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि के ट्रांजक्शन का पता चला है। इन खातों से जुड़ी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले से छह शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें दिल्ली की एक, राजस्थान की दो और उत्तर प्रदेश की तीन शिकायतें शामिल हैं।
छापेमारी में पुलिस ने 44 मोबाइल फोन, 23 कंप्यूटर सीपीयू, दो लैपटॉप, एक मॉनिटर, तीन कॉलर आईडी फोन, तीन पेन ड्राइव, पांच बैंक पासबुक, एक चेक बुक, सात क्यूआर कोड, कॉलर स्क्रिप्ट, प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक और आयुर्वेदिक दवाओं के नाम की रबर स्टैंप बरामद की है।