
Gaurav Bhatia Rahul Gandhi: नई दिल्ली। भाजपा नेता गौरव भाटिया ने गुरुवार को विपक्षी दलों पर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जिन्होंने पिछले 25 वर्षों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में संवैधानिक मर्यादाओं और संविधान की मूल भावना के अनुरूप देश की सेवा की है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष अराजकता का माहौल पैदा कर रहा है।
गौरव भाटिया ने बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन में संविधान की मूल भावना को कायम रखा और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन किया। उन्होंने कहा कि यह सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
गौरव भाटिया ने राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी दलों के उन आरोपों को निराधार बताया, जिनमें लोकतंत्र की हत्या किए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष खुद संविधान को कमजोर कर रहा है और उसके लगाए आरोपों में कोई तथ्य या सबूत नहीं है।
भाजपा नेता ने पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ठोस तथ्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के 50 वार्ड में दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया था।
भाटिया ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी ने राजनीति में आने के समय 'स्वराज' की बात की थी, वह अब 'गुंडाराज' की पार्टी बन गई है। उन्होंने कहा कि इन चुनावों को कराने की मुख्य जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की थी।
भाटिया ने कहा कि चुनावों से जुड़े तथ्यों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता में एक सदस्यीय तथ्य-जांच आयोग बनाया था। आयोग ने चुनावों से जुड़ी शिकायतों की जांच की और अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की।
उन्होंने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय के फैसले और पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले तथ्य-जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यह कहा जा सकता है कि आम आदमी पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं ने पंजाब में लोकतंत्र की हत्या की है।