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‘पति अगर आवारा है तो कंडोम ही सहारा है’, एड्स दिवस पर लड़कियों से लगवाए नारे, बवाल मचने पर क्या बोले CMO

सोशल मीडिया पर एड्स दिवस को लेकर जागरूकता अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में लगाए गए नारों पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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Dec 03, 2025
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समस्तीपुर एड्स जागरुकता अभियान (फोटो-X@sengarlive)

बिहार के समस्तीपुर में एड्स (Aids) के मौके पर अमर्यादित नारे लगाए गए। एड्स दिवस के दिन सिविल सर्जन के सामने 'परदेश नहीं जाना बलम जी, एड्स नहीं लाना बलम जी', 'अगर पति आवारा है तो कंडोम ही सहारा है' जैसे नारे लगाए गए। ये नारे सदर अस्पताल में एचआईवी काउंसलर विजय कुमार मंडल लगवा रहे थे। नर्सिंग की छात्राओं की ओर से लगाए गए ये नारे देखते-देखते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। जिसके बाद नेटिजंस ने जमकर रिएक्शन दिए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस पर सदर अस्पताल से जागरूकता रैली निकाली गई। इसमें ANM स्कूल की सैकड़ों छात्राओं ने भाग लिया। साथ ही, सदर अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हुए। रैली शहर के गोलंबर चौराहा, ‎‎समाहरणालय ओवरब्रिज होते हुए ‎शहर के शहर के कई हिस्सों गुजरी। इसी दौरान ये नारे लगे।

नारा मुझे भी लगा अटपटा

नारे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सिविल सर्जन डॉक्टर एसके चौधरी ने मीडिया से कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से हम लोगों को इसे आयोजित करने का आदेश मिला था, ताकि जनता तक एड्स को लेकर जागरूकता फैले। इससे बचाव के तरीके जाने। नारों को लेकर उन्होंने कहा कि स्लोगन की बात जहां तक है, ये उन एनजीओ की ओर से लिखे गए थे, जो रैली में शामिल हुए थे। ये स्लोगन हमारे एड्स सोसाइटी या डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ की तरफ से नहीं आया था। मुझे भी नारे अटपटे लगे।

सोशल मीडिया पर आईं इस तरह की प्रतिक्रियाएं

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह के रिएक्शन आ रहे हैं। एक यूजर ने इन नारों को घटिया बताते हुए कहा कि इन नारों से क्या AIDS भागेगा। दूसरे यूजर ने लिखा कि ये तो मर्द लोग का खुला इंसल्ट है भाई.! तीसरे ने लिखा कि जागरूकता अभियान बहुत ही सराहनीय कदम है। कम से कम एक व्यक्ति को एड्स है तो दूसरे व्यक्ति में फैलने से तो रोका जा सकता है।

Updated on:
04 Dec 2025 07:04 am
Published on:
03 Dec 2025 02:11 pm