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गांवों में ‘छिपाने वाली बीमारी’ का ‘बजा अलार्म’, मध्य प्रदेश में बढ़ा AIDS का खतरा

MP News: मध्यप्रदेश में एड्स का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। यहां मिले 70 हजार से ज्यादा संक्रमित, इंजेक्शन का नशा करने वाले 100 नशेड़ियों में से 4 को एड्स, टीबी में बदल रहे 90 फीसदी केस, 7 जिले हाईरिस्क जोन में...

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MP News AIDS Shocking Report and figures

MP News AIDS Shocking Report and figures(फोटो: सोशल मीडिया modify by patrika)

MP News: मध्य प्रदेश में एड्स का संक्रमण अब चेतावनी की लाल रेखा पार कर रहा है। नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (NACO) राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी के ताजा आंकड़ें चौंकाने वाले हैं। इनके मुताबिक एमपी में 70 हजार से ज्यादा एड्स से संक्रमित मामले हैं, तो 7 जिले हाई रिस्क जोन में आ चुके हैं। सबसे डराने वाली बात यह है कि इंजेक्शन से नशा करने वाले नशेड़ियों में संक्रमण दर 4.20 फीसदी तक पहुंच गई है। यानी हर 100 नशेड़ियों के बीच से 4 लोग एड्स संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।

सबसे बड़ा अलार्म…

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एड्स संक्रमण से जूझने वाले पीड़ितों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर हो जाती है। इसके कारण इन संक्रमित केसों में से 90 फीसदी मामले ऐसे हैं जो टीबी में बदल रहे हैं। ये आंकड़ा एमपी के लिए सबसे बड़ा अलार्म बनकर सामने आया है, क्योंकि ये वो स्थिति है, जब स्वास्थय विभाग और प्रशासन को युद्ध स्तर पर एक्शन लेने की जरूरत पड़ती है।

भोपाल के आंकड़े डराने वाले, खुद ही हाई अलर्ट पर राजधानी

2023- 24: 6180 मरीज
2024-25: 6748 मरीज
2025-26: 4140 मरीज(अक्टूबर 2025 तक के आंकड़े)

भोपाल में संक्रमण फैलने के 3 बड़े कारण

1-इंजेक्शन से नशा- 40 प्रतिशत
2-पति-पत्नी/ पार्टनर ट्रांसमिशन- 30 फीसदी
3-अनसेफ सेक्स- 30 फीसदी

गर्भवतियों पर भी बड़ा खतरा

चौंकाने वाली खबर यह भी है किमध्य प्रदेश में हर दिन औसतन दो गर्भवती महिलाएं HIV संक्रमित पाई जा रही हैं। 2024-25 में 671 संक्रमित गर्भवतियां संक्रमित मिली हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि 85% मामलों में इलाज शुरू कर दिया गया है। जिससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है।

युवा सबसे ज्यादा, 20-30 साल की उम्र पर संकट

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ सालों में युवाओं में AIDS के नए मामले बढ़े हैं। इंजेक्शन से नशा करने की प्रवृत्ति तेज हुई है और यही सबसे बड़ा फैक्टर बन रही है। नशा सिर्फ जिंदगी नहीं छीन रहा, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी इस कदर कमजोर कर रहा है कि मामूली सी भी बीमारी जान ले सकती है।

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