गोवा कांग्रेस नेता डॉ केतन भाटीकर की गोवा-कर्नाटक सीमा पर सांप के काटने से मौत हो गई। पोंडा उपचुनाव में कांग्रेस का चेहरा रहे भाटीकर के निधन पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गहरा शोक व्यक्त किया गया।
गोवा कांग्रेस के युवा नेता और पोंडा उपचुनाव में पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे डॉ केतन भाटीकर का सांप के काटने से निधन हो गया है। इस घटना के बाद गोवा की राजनीति में शोक की लहर फैल गई है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा दुख देखा जा रहा है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात 38 वर्षीय भाटीकर कर्नाटक के दांदेली गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गोवा-कर्नाटक सीमा पर स्थित करमल घाट में वह किसी कारण से वाहन से नीचे उतरे, जहां उन्हें सांप ने काट लिया। हालत बिगडने पर उन्हें तुरंत गोवा के धारबंदोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉ केतन भाटीकर हाल ही में पोंडा विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार बनाए गए थे। यह उपचुनाव बाद में उच्च न्यायालय के फैसले के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके खिलाफ भाटीकर ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, जिस पर अभी सुनवाई लंबित है। पार्टी के भीतर उन्हें एक सक्रिय और जुझारू नेता माना जाता था। स्थानीय मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड और संगठन में सक्रिय भूमिका के कारण युवा कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अच्छी पहचान थी। उनके अचानक निधन ने कांग्रेस को राजनीतिक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर गहरा झटका दिया है।
गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने केतन भाटीकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी। इस दुख की घडी में मैं उनके परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। वहीं गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (GPCC) ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ केतन भाटीकर की पार्टी और समाज के प्रति सेवाओं को हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा। पार्टी ने परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की।
केतन भाटीकर को गोवा कांग्रेस के उभरते चेहरों में गिना जाता था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में वह राज्य राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे। उनके निधन से कांग्रेस संगठन को बडा नुकसान हुआ है। समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने भी सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें समर्पित और जमीन से जुडा नेता बताया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाटीकर हमेशा लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देते थे और जनसेवा के लिए लगातार सक्रिय रहते थे।