
कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ऐसे बयानों से सराफा व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। सराफा व्यवसायी देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा हजारों परिवारों की आजीविका इसी व्यवसाय पर निर्भर है। इसलिए इस विषय पर संतुलित और व्यापारी हितैषी दृष्टिकोण आवश्यक है। यदि सरकार को विदेशी मुद्रा बचानी है, तो बड़े स्तर पर सोने के आयात पर नियंत्रण और कॉर्पोरेट स्तर पर हो रहे व्यापार को सीमित करने जैसे कदम उठाए जाने चाहिए, न कि आम जनता और छोटे व्यापारियों पर इसका बोझ डाला जाए।