Ground Report: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में घोषणा की थी कि अब दो टोल प्लाजा के बीच की दूरी कम से कम 60 किलोमीटर होगी। हालांकि, ऐसा कुछ हुआ नहीं। पढ़िये अरविन्द सिंह शक्तावत की खास रिपोर्ट...
Ground Report: देशभर में टोल का खेल बेरोकटोक जारी है। कहीं लागत से ज्यादा वसूली के बाद भी सालों से जनता को लूटा जा रहा है तो कहीं निर्धारित अंतराल 60 किलोमीटर के भीतर ही एक से ज्यादा टोल प्लाजा बनाकर यह खेल चल रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में घोषणा की थी कि अब दो टोल प्लाजा के बीच की दूरी कम से कम 60 किलोमीटर होगी। यदि दूरी कम हुई तो एक टोल को हटाया जाएगा। गडकरी यह भी कहा था कि तीन माह में ऐसे सभी टोल हटा दिए जाएंगे। हालांकि, ऐसा कुछ हुआ नहीं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अपने मंत्री के इस बयान को कतई गंभीरता से नहीं लिया। गडकरी की यह घोषणा ढाई साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। पत्रिका ने इस मामले में पड़ताल की तो सामने आया कि कुछ नेशनल हाइवे पर तो महज 20 किमी की दूरी पर दो टोल प्लाजा हैं। मतलब बीस किमी का सफर तय करना है तो टोल पर दो बार जेब कटानी पड़ेगी। इस वजह से राज्य में आमजन को अत्यधिक टोल देना पड़ रहा है।
1)) 71 किमी में तीन टोल
जयपुर में शाहपुरा के पास मनोहरपुर में टोल प्लाजा है। इसी नेशनल हाइवे पर यहां से मात्र 30 किमी दूर दौलतपुरा में दूसरा टोल प्लाजा आ जाता है। दौलतपुरा से निकलकर जयपुर होकर जैसे ही अजमेर की तरफ बढ़े तो बगरू से पहले ठीकरिया पर फिर तीसरा टोल आ जाता है। दौलतपुरा टोल प्लाजा से इस टोल प्लाजा की दूरी मात्र 41 किलोमीटर है। अर्थात मनोहरपुर से ठीकरिया के बीच महज 71 किलोमीटर की दूरी में तीन टोल प्लाज मौजूद हैं। यहां लोगों को तीन बार टोल कटाना पड़ता है। नियमानुसार दूरी को देखें तो ठीकरिया और मनोहरपुर के बीच कोई टोल नहीं होना चाहिए। यहां मौजूद एक अतिरिक्त टोल होेने की वजह से वाहन चालकों को 70 रुपए से लेकर 395 रुपए तक अतिरिक्त देने पड़ते हैं।
नेशनल हाइवे पर जयपुर से अजमेर की दूरी 139 किमी है। इस रूट पर 3 टोल प्लाजा मौजूद हैं। जयपुर से निकलते ही ठीकरिया फिर किशनगढ़ और फिर गेगल पर टोल वसूल किया जाता है। किशनगढ़ टोल प्लाजा से गेगल टोल प्लाजा की दूरी महज 17 किमी है। दोनो टोल प्लाजा के बीच की दूरी इतनी कम है लेकिन एनएचएआई इससे बेफिक्र है। किशनगढ़ से अजमेर की दूरी महज 35 किमी है। यहां सिर्फ 21 किमी चलते ही टोल आ जाता है। इस टोल की वजह से वाहन चालकों को 70 रुपए से लेकर 445 रुपए अतिरिक्त देना पड़ता है।
60 किमी के बीच में टोल नहीं आता है और कुछ जगह चालू है। मैं आज सदन को विश्वास दिलाता हूं कि यह बहुत बार गलत काम हो रहा है, गैर कानूनी है। मैं बार-बार कहता हूं लेकिन पैसे मिलते हैं इसलिए विभाग कहता है, हां करते हैं… हां करते हैं… अब मैं बता रहा हूं कि इसके बाद तीन महीने के अंदर 60 किमी के अंदर एक ही टोल नाका होगा, यदि दूसरा होगा तो उसे बंद किया जाएगा। हमें पैसा भी चाहिए लेकिन लोगों को तकलीफ नहीं देनी चाहिए।
-नितिन गडकरी, 22 मार्च, 2022 को संसद में