
GST Reforms 2026: 57वीं GST काउंसिल की बैठक में टैक्स व्यवस्था को आसान बनाने और कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ कम करने से जुड़े कई अहम फैसलों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यों ने स्वागत किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गिरफ्तारी के प्रावधान हटाने, अधिक मामलों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने से GST व्यवस्था का सकारात्मक असर होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि GST काउंसिल की ओर से मंजूर किए गए सुधारों का वह स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का फोकस तेजी से फैसले, कम अनुपालन लागत, ऑटोमेटेड रिफंड और भरोसे पर आधारित प्रशासन पर है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, ये कदम GST को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने के प्रयासों के अनुरूप हैं।
57वीं बैठक में GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति हटाने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही GST से जुड़े मामलों में अभियोजन की मौद्रिक सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का फैसला किया गया है। न्यूनतम सजा के प्रावधान को भी हटाने की सिफारिश की गई है। सामान्य जुर्माने की अधिकतम सीमा 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये की गई है। इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स प्रशासन में अधिक भरोसे पर आधारित व्यवस्था विकसित करना और सामान्य अनुपालन संबंधी मामलों में अनावश्यक आपराधिक कार्रवाई की आशंका को कम करना है।
काउंसिल ने GST रिफंड की प्रक्रिया को भी तेज और अधिक तकनीक आधारित बनाने की सिफारिश की है। रिफंड आवेदन को स्वीकार करने या कमी बताने की समयसीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने का प्रस्ताव है। तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर सिस्टम के स्तर पर आवेदन को स्वीकार माना जाएगा। जोखिम आधारित व्यवस्था के जरिए पात्र रिफंड के बड़े हिस्से को ऑटोमेटेड तरीके से मंजूर करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। इससे कारोबारियों को रिफंड के लिए अधिकारियों के पास बार-बार जाने की जरूरत कम हो सकती है। GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को भी सरल बनाने के लिए पोर्टल पर अधिक स्पष्ट विकल्प, दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी और ऑटोमेटेड प्रक्रियाओं की व्यवस्था की जाएगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने GST काउंसिल की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्यों को साथ बैठकर टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने और लोगों की सुविधा बढ़ाने का मंच देता है। उन्होंने GST के बेहतर क्रियान्वयन और करदाताओं के लिए व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी सुधारों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन उपायों से लोगों और कारोबारियों को GST से जुड़ी परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी और व्यवस्था अधिक सुविधाजनक बनेगी। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि GST काउंसिल कारोबारियों की शिकायतों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रयासों की सराहना की।
57वीं GST काउंसिल की बैठक में GST दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया। इस बार फोकस मुख्य रूप से रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट, विवाद निपटारे और अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने पर रहा।