AAP ने 2022 में पहली बार गुजरात चुनाव लड़ा और करीब 13% वोट हासिल किए। महज तीन साल में उसका आधार लगभग दोगुना हो गया है।
Gujarat Politics: गुजरात में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। इससे पहले आम आदमी पार्टी के लिए अच्छी खबर सामने आई है। विधानसभा चुनाव से पहले एजेंसियां लोगों का मूड जानने में लगी हुई है। इसी बीच वीप्रेसिड और CIF द्वारा किए गए ‘पल्स ऑफ़ गुजरात 2026’ का सर्वे सामने आया है। इस सर्वे ने चौंकाने वाले दावे किए है। हालांकि एक बार फिर बीजेपी के गढ़ में सेंध नहीं लग पाएगी।
ताज़ा सर्वे के मुताबिक, यह लड़ाई अब BJP बनाम कांग्रेस नहीं, बल्कि BJP बनाम आम आदमी पार्टी (AAP) होती नजर आ रही है। वीप्रेसाइड और CIF के Pulse of Gujarat 2026 सर्वे के अनुसार, यदि प्रदेश में अभी चुनाव होते हैं तो आम आदमी पार्टी को 24.8 प्रतिशत वोट मिलेंगे। इसके अलावा, कांग्रेस को 17.3 प्रतिशत वोट मिलेंगे, लेकिन प्रदेश में बीजेपी को 49.5 प्रतिशत वोट मिलेंगे और वह सरकार बना लेगी।
सर्वे में कांग्रेस के लगातार कमजोर होते आधार की तस्वीर साफ नजर आ रही है। बता दें कि 2017 में कांग्रेस का वोट शेयर करीब 40% था, जो कि 2022 में घटकर 27% रह गया। इसके अलावा 2026 के सर्वे में यह और गिरकर 17.3% पर आ गया।
वहीं, AAP ने 2022 में पहली बार गुजरात चुनाव लड़ा और करीब 13% वोट हासिल किए। महज तीन साल में उसका आधार लगभग दोगुना हो गया है। संकेत मिलते हैं कि कांग्रेस के पारंपरिक मतदाताओं का बड़ा हिस्सा अब AAP की ओर शिफ्ट हो रहा है।
क्षेत्रीय आंकड़े बताते हैं कि AAP उन इलाकों में पकड़ बना रही है जो या तो कांग्रेस के गढ़ रहे हैं या BJP के मजबूत किले—
सौराष्ट्र–कच्छ: परंपरागत तौर पर BJP का गढ़, लेकिन AAP की बढ़त ने पार्टी को सतर्क कर दिया है।
शहरी और मेट्रो क्षेत्र: यहां AAP, कांग्रेस से कहीं आगे निकलती दिख रही है।
उत्तर और मध्य गुजरात: BJP अब भी मजबूत है, लेकिन AAP मुख्य चुनौतीकर्ता के रूप में उभर रही है।
शहरों में AAP अब “बैकअप विकल्प” नहीं, बल्कि सीधे विकल्प के तौर पर देखी जाने लगी है।