
उद्वव ठाकरे और सीएम देवेंद्र फडणवीस (Photo-IANS)
मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। यह चर्चा जोरों पर है कि मेयर की कुर्सी बीजेपी के खाते में जाएगी या एकनाथ शिंदे की शिवसेना इसे हासिल करेगी। इसी बीच शहरी विकास विभाग ने मेयर पद के आरक्षण की लॉटरी की तारीख का ऐलान कर दिया है।
बता दें कि राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में मेयर पद के आरक्षण के लिए लॉटरी गुरुवार, 22 जनवरी को आयोजित की जाएगी। यह प्रक्रिया सुबह 11 बजे मंत्रालय के काउंसिल चैंबर में होगी। आरक्षण घोषित होने के बाद ही मेयर पद के लिए उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
BMC चुनाव में BJP को 89 सीटें और शिंदे गुट को 29 सीटें मिली हैं। दोनों मिलकर बहुमत से ऊपर हैं, लेकिन मेयर पद को लेकर दोनों के बीच खींचतान साफ दिख रही है। शिंदे गुट के पार्षदों को मुंबई के एक लग्जरी होटल में ठहराया गया है, जिससे ‘होटल पॉलिटिक्स’ की चर्चा तेज हो गई है।
इसी बीच यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की BJP को बाहर से समर्थन दे सकती है। अगर ऐसा होता है, तो BMC की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।
न्यूज़18 मराठी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ठाकरे, 60 से अधिक पार्षदों के साथ, भाजपा को समर्थन देने के लिए तैयार हैं, यदि वह बीएमसी मेयर का अकेले चुनाव लड़ती है। बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच इस विषय पर चर्चा हुई थी।
2026 में पहली बार BMC सदन में 10 मनोनीत पार्षद भी शामिल होंगे (2023 में यह संख्या 5 थी), जो मेयर चुनाव के समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।
लॉटरी में चुनी गई श्रेणी के पार्षद ही मेयर पद के लिए नामांकन कर सकते हैं। इसके बाद 227 निर्वाचित पार्षदों की विशेष बैठक बुलाई जाती है, जहां परंपरागत रूप से हाथ उठाकर वोटिंग होती है। मेयर बनने के लिए कम से कम 114 वोट जरूरी होते हैं।
Updated on:
19 Jan 2026 08:25 pm
Published on:
19 Jan 2026 08:25 pm
