
Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के उत्तर प्रदेश में होने वाले दो युवा मतदाता जागरूकता कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। इन कार्यक्रमों में ज्ञानेश कुमार को मेरठ और वाराणसी में युवाओं से संवाद करना था। कार्यक्रमों के स्थगित होने के बाद इसे चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद और SIR को लेकर चल रहे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि, चुनाव आयोग ने शुक्रवार को साफ किया कि कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव का मौजूदा विवाद से कोई संबंध नहीं है। आयोग ने इसके पीछे लॉजिस्टिक और दूसरे प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है।
ज्ञानेश कुमार को 25 सितंबर को मेरठ में Electoral Literacy Clubs यानी ELC की क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेना था। इसके अलावा 28 सितंबर को वाराणसी में युवाओं के साथ संवाद का कार्यक्रम तय था। दोनों कार्यक्रमों का मकसद युवाओं और खास तौर पर पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के बीच चुनावी जागरूकता बढ़ाना था।चुनाव आयोग के मुताबिक, ये कार्यक्रम ELC 2.0 और ECINET से जुड़ी मतदाता जागरूकता पहल का हिस्सा हैं। ELC के जरिए स्कूली और कॉलेज छात्रों को चुनावी प्रक्रिया और मतदान से जुड़ी जानकारी देने पर जोर दिया जाता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्यक्रम स्थगित किए जाने को लेकर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है। इसके पीछे वेन्यू की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्रम और प्राकृतिक परिस्थितियों जैसे कई कारण हो सकते हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मेरठ और वाराणसी के इन दोनों कार्यक्रमों को स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को ही लिया गया था। आयोग ने बताया कि इससे पहले हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड में भी Electoral Literacy Conferences की तारीखों में बदलाव किया जा चुका है।
ज्ञानेश कुमार के कार्यक्रम ऐसे समय स्थगित हुए हैं, जब चुनाव आयोग के भीतर SIR को लेकर कथित मतभेद की खबरों पर राजनीतिक विवाद चल रहा है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं। इसके अलावा CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार 27 सितंबर तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उनका संगठन 2 अक्टूबर से मुंबई में देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा और बाद में इसे दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा।