
Karnataka Congress: कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर अंदरूनी खींचतान की चर्चा तेज हो गई है। इस बार मामला बेंगलुरु नगर निकाय चुनाव यानी ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) चुनाव को लेकर सामने आया है। केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने मंगलवार को कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच चुनाव को लेकर मतभेद चल रहे हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान कुमारस्वामी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच चुनाव कराने और टालने को लेकर अलग-अलग राय है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चाहते हैं कि चुनाव जल्द हों, जबकि डीके शिवकुमार फिलहाल चुनाव नहीं चाहते।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चुनाव अधिकारियों की बैठक बुलाई थी और उसमें चुनाव कराने पर जोर दिया गया था। लेकिन बाद में डीके शिवकुमार ने अलग बैठक कर चुनाव टालने की बात कही। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर चुनाव आगे बढ़ाने की मांग कर रही है। जेडीएस नेता ने कहा कि सरकार जनगणना और प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर सितंबर तक चुनाव टालना चाहती है। उनके मुताबिक इसके पीछे राजनीतिक कारण ज्यादा हैं। कुमारस्वामी का कहना है कि सिद्धारमैया अगले कुछ महीनों तक अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत रखना चाहते हैं, जबकि शिवकुमार को डर है कि चुनाव होने से मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की उनकी संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक पक्ष कुर्सी बचाने के लिए चुनाव चाहता है, जबकि दूसरा पक्ष मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने के लिए चुनाव टालना चाहता है। हालांकि इस मामले पर सरकार का पक्ष भी सामने आ गया है। राज्य सरकार की ओर से इस दावे को गलत करार दिया गया है। कर्नाटक के गृह मंत्री ने कहा कि सरकार भी चाहती है कि चुनाव जल्द कराए जाएं, लेकिन पहले प्रक्रिया में मौजूद कमियों को ठीक करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनगणना का काम भी चल रहा है, इसलिए कर्मचारियों की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान देना पड़ रहा है। इस बीच कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बेंगलुरु नगर निकाय चुनाव कराने के लिए 90 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा है।