
Shehzad Poonawalla Resignation :भाजपा से अलग हुए शहजाद पूनावाला, राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से भी मुक्त होने की जताई इच्छा (फोटो सोर्स:@Shehzad_Ind
Shehzad Poonawalla Resigns Again from BJP: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे शहजाद पूनावाला ने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले को अब एक बार फिर औपचारिक रूप दे दिया है। 17 अगस्त 2026 को भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को भेजे पत्र में उन्होंने आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए पार्टी के सभी पदों तथा प्राथमिक सदस्यता से मुक्त किए जाने का आग्रह किया है। खास बात यह है कि संगठन से अलग होने की बात कहते हुए भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की विचारधारा के प्रति अपना समर्थन जारी रखने का संकेत दिया है।
शहजाद पूनावाला ने अपने ताजा पत्र में बताया कि उन्होंने 30 जुलाई को भी इसी आशय का इस्तीफा भेजा था। पार्टी नेतृत्व ने उस समय इसे तत्काल स्वीकार करने से इनकार करते हुए उनसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा था। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से जुड़े हालिया घटनाक्रमों और अपने व्यक्तिगत हालात पर विचार किया, लेकिन अंततः अपने पुराने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया।
पूनावाला ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को संबोधित पत्र में कहा कि वह राष्ट्रीय प्रवक्ता का दायित्व और पार्टी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नितिन नबीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष समेत वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति आभार जताया।
पूनावाला का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। वह कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई और बाद में पार्टी के मीडिया तंत्र से जुड़े रहे। वर्ष 2017 में कांग्रेस नेतृत्व और अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर उनके तीखे विरोध के बाद उन्होंने भाजपा का रुख किया। इसके बाद वह पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने और टीवी बहसों में भाजपा का पक्ष रखने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
इस्तीफे के साथ पूनावाला का संदेश केवल विदाई तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठनात्मक जिम्मेदारी छोड़ने के बावजूद विचारधारा और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के प्रति उनका समर्थन बना रहेगा। हाल ही में उनके एक्स प्रोफाइल से भाजपा का उल्लेख हटने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हुई थीं। उनके नए परिचय में खुद को प्रधानमंत्री मोदी का ‘आजीवन अनुयायी’ बताने का उल्लेख भी चर्चा में रहा।
पूनावाला ने अपने पत्र में यह भी रेखांकित किया कि एक युवा, गैर-वंशवादी और मुस्लिम पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। हालांकि, उन्होंने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
ऐसे में बड़ा सवाल यही है क्या यह सक्रिय राजनीति से पूर्ण दूरी है या फिर शहजाद पूनावाला के राजनीतिक सफर में किसी नए मोड़ की शुरुआत?
Updated on:
17 Aug 2026 10:52 am
Published on:
17 Aug 2026 10:24 am
