Hardeep Singh Puri On Rahul Gandhi: जेफरी एपस्टीन फाइल्स को लेकर चल रहे विवाद में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों पर बुधवार को स्पष्ट जवाब दिया। हरदीप पुरी ने साफ किया कि उन्होंने एपस्टीन से कभी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं की और न ही […]
Hardeep Singh Puri On Rahul Gandhi: जेफरी एपस्टीन फाइल्स को लेकर चल रहे विवाद में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों पर बुधवार को स्पष्ट जवाब दिया। हरदीप पुरी ने साफ किया कि उन्होंने एपस्टीन से कभी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं की और न ही उनके कुख्यात आईलैंड से उनका कोई संबंध है। उन्होंने राहुल गांधी पर आधारहीन आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे दावे मूर्खता से भरे हैं।
दरअसल, राहुल गांधी ने लोकसभा में एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए दावा किया था कि इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी शामिल है। उन्होंने कहा कि 3 मिलियन से ज्यादा ईमेल सामने आए हैं और इन फाइल्स में भारतीय नेताओं के नाम जुड़े होने से बड़ा सवाल खड़ा होता है। राहुल ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव के रूप में भी पेश किया, खासकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील के संदर्भ में।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हरदीप सिंह पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से सफाई दी। उन्होंने बताया कि विदेश सेवा से रिटायरमेंट के बाद वे न्यूयॉर्क स्थित इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) में सेक्रेटरी जनरल थे। उनके बॉस टेरजे रॉड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे। पुरी ने कहा, "8 साल के दौरान मैंने एपस्टीन से सिर्फ तीन बार मुलाकात की, वो भी ऑफिशियल डेलिगेशन के तौर पर। ये मुलाकातें 2009 के आसपास की हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से कभी नहीं मिला।"
पुरी ने एक 2014 के ईमेल का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने लिंक्डइन के फाउंडर रीड हॉफमैन को डिजिटल इंडिया और भारत में डिजिटलाइजेशन की तेज रफ्तार के बारे में लिखा था। इस ईमेल में एपस्टीन को CC किया गया था। बाद में एपस्टीन ने हॉफमैन को जवाब में पुरी को 'Two Face Person' कहा और एक विवादित कमेंट किया कि 'अगर सांप और भारतीय दिखे तो पहले भारतीय को मारो।' पुरी ने कहा, 'आरोप लगाने से पहले ईमेल पढ़ तो लीजिए। मैं डिजिटल इंडिया की बात कर रहा था, कोई गलत इरादा नहीं था।'
पुरी ने बार-बार जोर देकर कहा कि एपस्टीन के आईलैंड या उनके अपराधों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, एक हमारे युवा नेता हैं, जिन्हें आधारहीन आरोप लगाने की आदत है। संसद में आते हैं, बातें करते हैं और भाग जाते हैं। कॉमन सेंस वाली मीनिंग तो समझ लीजिए। उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि एक तरफ मोदी ने अर्थव्यवस्था को 10वें से चौथे स्थान पर पहुंचाया, वहीं राहुल गांधी पुरानी बातें दोहराते रहते हैं।