
चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के बीच संभावित गठबंधन की सुगबुगाहट पर आम आदमी पार्टी (आप) ने तीखा हमला बोला है। अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब की लोग जानते है कि 750 किसानों की मौत के लिए बीजेपी जिम्मेदार है। काले कानूनों (कृषि कानूनों) को लेकर अकाली दल ने उनके साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया था। मुझे समझ नहीं आ रहा कि सुखबीर बादल अब किस मुंह से दोबारा भाजपा के साथ गठबंधन की बातें कर रहे हैं।
गठबंधन की संभावनाओं पर बात करते हुए SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल एक क्षेत्रीय पार्टी है। पार्टी के लिए पंजाब पहली प्राथमिकता है। हम सत्ता में आएं या न आएं, हमें पंजाबियों के लिए लड़ते रहना है। हमारे लिए, दो पार्टियां पंजाब की सबसे बड़ी दुश्मन हैं - कांग्रेस और AAP। हम इन पार्टियों के साथ कभी गठबंधन नहीं कर सकते। जो भी अन्य पार्टियां शिरोमणि अकाली दल की विचारधारा से मेल खाती हैं, हम उनके साथ गठबंधन करने के लिए तैयार हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान पर कि 2027 में 'आप' सत्ता में नहीं लौटेगी, पलटवार करते हुए कैबिनेट मंत्री चीमा ने कहा कि जब पूरे देश में भाजपा की आंधी थी, तब भी पंजाब में उनके केवल दो विधायक ही जीत पाए थे। पंजाब से उनका कोई भी सांसद नहीं जीता था। उन्होंने कहा कि अब देश की जनता ने भाजपा को दरकिनार करने का मन बना लिया है और पार्टी का पतन शुरू हो चुका है। चीमा ने कहा कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के परिणाम जब आएंगे, तब भाजपा शून्य पर सिमट जाएगी।
हरपाल सिंह चीमा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। चीमा ने कहा कि पंजाब विधानसभा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है, क्योंकि वे भाजपा के इशारे पर देश का लोकतंत्र खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर (SIR) के माध्यम से विपक्षी दलों के समर्थकों और गरीबों के वोट काटे जा रहे हैं। हमने देश की राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की जाए।