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‘मेरे नाम पर मेरी जानकारी के बिना ही सुनवाई टाली गई और ऐसा पहले भी हो चुका है’, वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने Supreme Court को बताया

Supreme Court: पीठ ने बुधवार को इस बात पर आपत्ति जताई थी कि एक मामले में वकील ने यह कहते हुए सुनवाई टालने के लिए कहा था कि साल्वे, जिन्हें मामले में उपस्थित होना था, वे उपस्थित नहीं हो सकते।
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Updated: 20 Feb 2025, 6:27 PM IST
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Supreme Court: वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बुधवार को एक मामले में उनके नाम और उन्हें जानकारी दिए बिना सुनवाई टाली गई। हरीश साल्वे के कार्यालय के एक वकील ने कोर्ट को बताया कि इस तरह का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी ऐसा हो चुका है।

साल्वे के वकील ने क्या कहा

हरीश साल्वे के वकील ने कोर्ट से कहा कि वरिष्ठ वकील साल्वे को इस बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं दी गई है। यह आपके और वकील के प्रति बहुत अनुचित है, उन्हें बिल्कुल भी इस बात की जानकारी नहीं दी गई और यह पहला मामला नहीं है। 

बुधवार को पीठ ने जताई थी आपत्ति

पीठ ने बुधवार को इस बात पर आपत्ति जताई थी कि एक मामले में वकील ने यह कहते हुए सुनवाई टालने के लिए कहा था कि साल्वे, जिन्हें मामले में उपस्थित होना था, वे उपस्थित नहीं हो सकते। इस पर कोर्ट ने वकील को फटकार लगाते हुए कहा था कि स्थगन मांगने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं का नाम लेने की प्रथा बढ़ रही है। 

‘यह व्यक्तिगत अधिवक्ताओं पर निर्भर नहीं’

हरीश साल्वे के कार्यालय के वकील ने गुरुवार को कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता को इस तरह के स्थगन के बारे में जानकारी नहीं दी गई। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह व्यक्तिगत अधिवक्ताओं पर निर्भर नहीं है। पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम किसी एक व्यक्ति पर नहीं है। यह बहुत अनुचित है। यह पहली बार नहीं है। जस्टिस ओका ने यह भी पूछा कि हरीश साल्वे के नाम पर स्थगन लेने वाले वकील के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?

‘कोर्ट को कभी हल्के में न लें’

हरीश साल्वे के कार्यालय के वकीलने कहा कि मैं वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे के चैंबर से हूं। हमें एक बात बार-बार सिखाई गई थी कि कोर्ट को कभी हल्के में न लें। यह आपका मंदिर है और यहीं आपको आना है, यहीं आपको झुकना है। ऐसे लोग हैं जो उनके नाम पर काम कर रहे हैं और वह इस बात से दुखी हैं कि उन्हें इसके बारे में पता भी नहीं चलता और लोग जाकर उनकी ओर से जिक्र कर देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि संबंधित अधिवक्ता को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि इसका उल्लेख साल्वे के नाम पर किया जा रहा है।

‘मुवक्किल के निर्देश पर की थी अपील’

बता दें कि बुधवार को जिस वकील ने स्थगन की मांग की थी, वह फिर उपस्थित हुई और कहा कि उसने मुवक्किल के निर्देश पर यह अपील की थी। वकील ने कहा मैंने यह अनुरोध कल किया था क्योंकि मेरे मुवक्किल ने मुझे यह कहने के लिए निर्देश दिया था। साल्वे इस मामले में पेश हुए थे, इसलिए मेरे पास अविश्वास करने का कोई कारण नहीं था कि उन्होंने मुवक्किल से बात नहीं की।

वकील ने साल्वे से मांगी माफी

इस पर जस्टिस ओका ने वकील से पूछा, "क्या आपने अपने मुवक्किल के खिलाफ कार्रवाई की है? वकील ने कहा व्यक्ति हमेशा साल्वे के कार्यालय से सीधे संपर्क में रहता है। इसलिए हमारे पास अविश्वास करने का कोई कारण नहीं था। हम गलत संचार के लिए, यहां तक ​​कि साल्वे से भी माफी मांगते हैं। वहीं जस्टिस ओका ने इस पर कहा ठीक है। अब यह मामला समाप्त हो गया।

Updated on:
20 Feb 2025, 6:27 PM IST
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