
IMD Heavy rain alert नई दिल्ली। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को दक्षिण बंगाल के जिलों और कोलकाता में अगले चार से पांच दिनों तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। इससे राज्य में चल रहा बारिश का मौजूदा दौर और लंबा खिंचने की संभावना है। कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में पिछले रविवार (5 जुलाई) से मध्यम से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसूनी हवाओं ने रफ्तार पकड़ ली है और सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश कराएगा।
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आरएमसी के पूर्वी क्षेत्रीय निदेशक हबीबुर रहमान बिस्वास ने बताया कि गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन राजस्थान से पूर्वोत्तर भारत के मिजोरम तक फैली हुई है। उन्होंने कहा कि निम्न दबाव की धुरी (लो-प्रेशर एक्सिस) उत्तर की ओर होने के कारण बंगाल में बारिश की तीव्रता अधिक रहेगी। खराब समुद्री मौसम को देखते हुए शनिवार और रविवार को मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
दक्षिण बंगाल के सभी जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पूर्व बर्धमान, नदिया और बांकुड़ा जिलों में शनिवार को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बीरभूम, हुगली, उत्तर 24 परगना और हावड़ा समेत कई जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। कोलकाता में शनिवार को मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अगले चार से पांच दिनों तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है।
उधर, उत्तर बंगाल के अधिकांश ऊपरी जिलों में भी शनिवार को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन तीनों जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी रविवार तक प्रभावी रहेगी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को कोलकाता का अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस कम था। वहीं, न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.1 डिग्री सेल्सियस कम था। शहर में अधिकतम सापेक्ष आर्द्रता 98 प्रतिशत और न्यूनतम 95 प्रतिशत दर्ज की गई।
वहीं दूसरी तरफ केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में कल रात से लगातार बारिश हो रही है। अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर भांखरपुर के पास घग्गर नदी में मछली पकड़ने गए मनीमाजरा के तीन दोस्त तेज बहाव में फंस गए। इनमें से दो युवक बह गए, उनके बारे में अभी जानकारी नहीं हो पाई है, जबकि तीसरा झाड़ियों का सहारा लेकर किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा।
भारी बारिश का असर पंजाब के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला। लुधियाना के एसबीएस नगर सिटी सेंटर रोड पर सड़क बीच से धंसकर दो हिस्सों में बंट गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हिमाचल प्रदेश में भी लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। किन्नौर जिले में सांगला घाटी को जोड़ने वाला वैली ब्रिज रात ढह गया, जिससे घाटी का संपर्क पूरी तरह कट गया।
शुक्रवार को हुई भारी बारिश के बाद पुल के निचले हिस्से में भूस्खलन होने से वह हवा में लटक गया था। मौसम विभाग ने पंजाब के 15 जिलों में शनिवार को बारिश का अनुमान जताया है। हिमाचल प्रदेश से सटे पंजाब के पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। गुरदासपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला और संगरूर में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
वहीं मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में लगातार हो रही बारिश से झरने और जलप्रपात पूरे सौंदर्य के साथ जीवंत हो उठे हैं। इन प्राकृतिक स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। हालांकि संभावित हादसों को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रमुख झरनों और जलप्रपातों के समीप जाने तथा सेल्फी और फोटो लेने पर आगामी दो माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। कलक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऊषा परमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163(1) के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार प्रतिबंधित स्थलों पर अत्यधिक निकट जाने, सेल्फी लेने अथवा फोटो खींचने पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं आईएमडी ने 11 से 14 जुलाई के बीच उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी संभावित घटनाओं को लेकर हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। आईएमडी के अनुसार, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई जिलों में अगले चार दिनों तक कहीं-कहीं भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली चमकने के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। इसके चलते भूस्खलन, अचानक बाढ़ और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।