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हेमंत सोरेन पर आरोप तय होने के बाद BJP ने मांगा इस्तीफा, गवाहों और सबूतों से छेड़छाड़ की जताई आशंका

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रांची की विशेष PMLA अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। इसके बाद BJP नेताओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अब हेमंत सोरेन को मामले का सामना करना होगा, जबकि प्रतुल शाहदेव ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की।
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Sep 30, 2026
Hemant Soren
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (इमेज सोर्स: आईएएनएस)

Hemant Soren Land Case: रांची की स्पेशल PMLA कोर्ट द्वारा बरगाईं सर्कल में 8.86 एकड़ जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप तय किए जाने के बाद झारखंड में सियासी संग्राम छिड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए नैतिक आधार पर उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने आशंका जताई है कि मुख्यमंत्री पद पर बने रहने से वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और अहम सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।

गवाहों और सबूतों से छेड़छाड़ की जताई आशंका

मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए झारखंड BJP के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, "मुख्यमंत्री को नैतिक मूल्यों का पालन करते हुए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। अब उनके खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं और उन्हें मुकदमे का सामना करना होगा। चूंकि पूरा मुकदमा झारखंड के भीतर ही चल रहा है, इसलिए इस बात की प्रबल संभावना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभाव का इस्तेमाल गवाहों को प्रभावित करने या सबूत नष्ट करने के लिए किया जा सकता है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी मुकदमे के दौरान गवाहों के मुकरने का काफी जोखिम बना रहता है।"

प्रतुल शाहदेव ने आगे कहा, "सारे नियम-कानून ताक पर रखकर मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए जमीन पर कब्जा करना और बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग करना बेहद गंभीर अपराध था। हेमंत सोरेन अपने सारे कानूनी विकल्प आजमा चुके हैं; हाईकोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली और विशेष अदालत ने आरोप तय कर दिए। ऐसे में वे कब तक आरोपों का सामना करने वाले मुख्यमंत्री बनकर झारखंड को बदनाम करते रहेंगे?"

राहत की उम्मीद खत्म, अब तो ट्रायल फेस करना ही पड़ेगा - बाबूलाल मरांडी

कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा, "कोर्ट ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि मुख्यमंत्री को अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा और कोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी। जमीन के गलत इस्तेमाल और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा यह मामला कोर्ट के सामने है। हेमंत सोरेन को अब कोर्ट में सही और तथ्यों पर आधारित जवाब देना चाहिए।"

सरकारी जमीन का घोटाला, कोर्ट ने पाया वैध - आरपी सिंह

आरोप तय होने पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "यह सरकारी जमीन घोटाले से जुड़ा एक पुराना मामला है जिससे सीधे तौर पर हेमंत सोरेन और उनके परिवार को फायदा हुआ। उन्हें चुनाव से पहले ही इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। अब स्पेशल PMLA कोर्ट ने मामले को सही माना है और औपचारिक रूप से कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए आरोप तय किए हैं।

कोर्ट के फैसलों पर टिप्पणी करना उचित नहीं - अर्जुन मुंडा

वहीं, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने न्यायपालिका में भरोसा जताते हुए संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "कोर्ट और सक्षम जांच एजेंसियां ​​पूरे मामले और इसके सभी तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही हैं। संवैधानिक दायरे में रहते हुए, हमें न्यायिक फैसलों पर अनावश्यक सार्वजनिक टिप्पणी करने से बचना चाहिए।"

Updated on:
30 Sept 2026 09:21 pm
Published on:
30 Sept 2026 09:21 pm