
Hemant Soren on Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों को न्याय मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच टीम दिन-रात काम कर रही है। सरकार रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की जानकारी छात्रों और राज्य की जनता के सामने रखी जाएगी। हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है। छात्रों की सभी जायज जरूरतों पर विचार किया जाएगा। उन्हें न्याय दिलाने के लिए जरूरी कदम भी उठाए जाएंगे।
देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि छात्रों ने कई दिनों तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसी वजह से उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया। उनके मुताबिक, यह लड़ाई किसी एक अभ्यर्थी की नहीं बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी छात्रों से अपील की है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से जारी रखा जाए।
देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के रांची जिले के ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं और लंबे समय से छात्र हितों से जुड़े आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने बुंडू से स्कूली शिक्षा पूरी की और इसके बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। संस्कृत, कुड़माली और ट्राइबल एंड रीजनल लैंग्वेजेज में उन्होंने स्नातकोत्तर किया है। इसके अलावा बीएड की डिग्री भी प्राप्त की है। साल 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में उन्होंने तमाड़ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। छात्र बताते हैं कि वे साल 2015 से छात्रवृत्ति, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं।
इधर, भर्ती परीक्षा विवाद की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है। पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते से CID कई दौर की पूछताछ कर चुकी है। मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल ही में रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद समेत कई जिलों में छापेमारी कर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए। वहीं दूसरी तरफ छात्र आंदोलन लगातार तेज हो रहा है और विभिन्न छात्र संगठनों के साथ कुछ राजनीतिक दलों का समर्थन भी इसे मिलने लगा है।