हिमाचल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए आज सुबह से ही राजनीतिक हलचल तेज है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है, जिसमें हिमाचल के अगले मुख्यमंत्री के नाम को तय किया जाएगा।
68 विधानसभा सीटों वाले हिमाचल में कांग्रेस ने 40 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जिसके बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है। इससे पहले यह बैठक दोपहर 3 बजे होने वाली थी, जिसको पहले 6 बजे किया गया और अब 8 बजे कर दिया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री पद के लिए हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने मीडिया में बयान देते हुए अपनी दावेदारी रख दी। वहीं आज भी बेहद चालाकी से अपनी दावेदारी रखते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि "वे उनके (वीरभद्र सिंह) परिवार की उपेक्षा नहीं कर सकते हैं। हम उनके नाम, चेहरे और काम पर जीते हैं। ऐसा नहीं हो सकता कि आप उनके नाम, चेहरे और परिवार का यूज करें और श्रेय किसी और को दें। हाईकमान ऐसा नहीं करेगा।"
वहीं कांग्रेस हाईकमान की ओर से विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए राज्य प्रभारी राजीव शुक्ला ,पर्यवेक्षक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भूपेंद्र हुड्डा शिमला पहुंचे हैं। राजीव शुक्ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि "जब सभी विधायक यहां पहुंच जाएंगे तब हम बैठक करेंगे, जिसमें प्रस्ताव पारित किया जाएगा। वोटिंग तब कराई जाती अगर कोई विवाद होता, यहां कोई विवाद नहीं है।"
प्रतिभा सिंह के समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन
हिमाचल मुख्यमंत्री की दौड़ में चल रही प्रतिभा सिंह के समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन जारी है। दोपहर को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले को रोकते हुए प्रतिभा सिंह के समर्थक में नारेबाजी की। वहीं जब विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए प्रतिभा वीरभद्र सिंह शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंची तो कार्यकर्ताओं ने उनके पक्ष में जमके नारेबाजी की।
राज्य के नेताओं के बिना राज्यपाल के पास हिमाचल सरकार बनाने का दावा
हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा राजभवन पहुंकर राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस दौरान उनके साथ हिमाचल प्रदेश का एक भी नेता मौजूद नहीं थे।
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