Governor Kavinder Gupta Fuel Conservation Zone: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 13 मई 2026 को ईंधन संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए शिमला के लोक भवन को 'फ्यूल कंजर्वेशन ज़ोन' घोषित किया है।
Himachal Governor Petrol Free Sunday Lok Bhawan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशव्यापी अपील के समर्थन में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बुधवार को कई बड़े फैसले लिए है। राज्यपाल गुप्ता ने रविवार को 'पेट्रोल-मुक्त' रखने, अपने काफिले को आधा करने और सरकारी हेलिकॉप्टर का उपयोग बंद करने का फैसला किया है। राज्यपाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से लोक भवन को ईंधन संरक्षण क्षेत्र घोषित करते हुए कहा कि आयातित ईंधन का उपयोग करने वाला कोई भी सरकारी वाहन रविवार को नहीं चलेगा। उन्होंने कहा है कि वे सप्ताह में एक दिन अपने सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके बजाय वे इलेक्ट्रिक वाहन या कारपूलिंग के विकल्प का चयन करेंगे।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के अनुरूप, जिसमें उन्होंने ईंधन के जिम्मेदार उपयोग और प्रशासनिक मितव्ययिता का आह्वान किया था। अब राज्यपाल गुप्ता ने कहा कि रविवार को होने वाले सभी आधिकारिक कार्यक्रम 'घर से काम' करने की पद्धति के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किए जाएंगे।
राज्यपाल ने आगे घोषणा की कि उनके आधिकारिक काफिले का आकार आधा कर दिया जाएगा, जबकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत को कम करने के लिए सभी गैर-जरूरी बैठकों को ऑनलाइन स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
अपनी जरूरतों और संसाधनों का सोच-समझकर आवश्यकतानुसार उपायों के तहत राज्यपाल गुप्ता ने कहा कि जब तक पश्चिम एशिया का मौजूदा संकट कम नहीं हो जाता और ईंधन की कीमतें स्थिर नहीं हो जातीं, तब तक वह सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश सरकार को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय संसाधन संरक्षण के आह्वान को ध्यान में रखते हुए ईंधन संरक्षण और सार्वजनिक व्यय में कमी लाने के उद्देश्य से मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को तैयार करने का आग्रह करेंगे। ये घोषणाएं अमेरिका-ईरान संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक ऊर्जा संबंधी चिंताओं में वृद्धि की पृष्ठभूमि में आई हैं।
आपको बता दे कि बीते दिनों देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, मुद्रास्फीति के दबाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों से निपटने में देश की मदद करने के लिए राष्ट्रीय रूप से जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने में मदद करने के लिए लोगों से एक वर्ष तक गैर-जरूरी ईंधन की खपत से बचने, विदेश यात्रा कम करने, विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग और अनावश्यक सोने की खरीदारी से परहेज करने की अपील की थी। उन्होंने घरेलू पर्यटन और स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया।