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बंगाल में 3 विभागों के अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए CBI को मंजूरी, CM शुभेंदु अधिकारी ने जारी किया एक और ऑर्डर

CBI Investigation In West Bengal: पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने तीन विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ CBI को मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से बंगाल में सियासत और तेज होने की उम्मीद है।

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Suvendu Adhikari finalised minister portfolio

सीएम शुभेन्दु अधिकारी। (फोटो-IANS)

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने तीन विभागों के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में सीबीआई को मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा- तीन विभागों के अधिकारियों के भ्रष्टाचार में शामिल होने के सबूत मिले हैं। मैंने सीबीआई को उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।

क्या है मामला?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इन विभागों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं। ठेकेदारों से रिश्वत लेना, सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी और फर्जी बिल पास करना जैसे आरोप शामिल हैं। आम लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाले ये घोटाले अब सीबीआई की जांच में होंगे।

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले की चर्चा जोरों पर है। कई लोग इसे शुभेंदु अधिकारी की सख्ती के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे पुराने मामलों को निपटाने की कोशिश भी बता रहे हैं। लेकिन आम लोगों में इस कदम से उम्मीद जगी है कि अब सरकारी काम में रिश्वतखोरी कम होगी।

CBI अब क्या करेगी?

सीबीआई अब इन मामलों में FIR दर्ज करके जांच शुरू करेगी। अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे, दस्तावेज खंगाले जाएंगे और अगर जरूरी हुआ तो गिरफ्तारियां भी होंगी।

राज्य सरकार ने CBI को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल राजनीतिक रूप से काफी गरम है। विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता बदलने के साथ ही प्रशासनिक बदलाव तेजी से हो रहे हैं।

विपक्ष ने बदले का लगाया आरोप

शुभेंदु अधिकारी की सरकार पुरानी व्यवस्था को बदलकर नई शुरुआत करना चाहती है। आम नागरिकों में इस खबर से राहत की लहर है। एक स्थानीय निवासी ने कहा- बहुत सालों से भ्रष्टाचार चल रहा था। अब उम्मीद है कि पैसे के लिए काम रुकना बंद होगा।

वहीं विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, लेकिन मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि कानून सबके लिए बराबर है। राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।

अगर CBI जांच में बड़े नाम सामने आए तो आगामी दिनों में और हलचल हो सकती है। पश्चिम बंगाल के इतिहास में यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री स्तर से इतनी तेजी से CBI को मंजूरी दी गई हो।