Himachal Pradesh Accident News: कुल्लू के आनी में तेज आंधी में चलती बोलेरो पर बड़ा पेड़ गिरा। इस हादसे में 4 महिला शिक्षिकाओं की मौके पर मौत हो गई।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में शनिवार शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। उपमंडल आनी के शमशर-गुगरा रोड पर बाली ओल के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें चार महिला शिक्षिकाएं मौके पर ही अपनी जान गंवा बैठीं।
जानकारी के मुताबिक, चलती हुई बोलेरो पर एक बड़ा चीड़ का पेड़ गिर पड़ा, जिसके बाद गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लुढ़क गई। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।
स्कूलों में पढ़ाने वाली ये महिलाएं अपने घर लौट रही थीं, लेकिन तूफान ने सब कुछ छीन लिया। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर काफी आहत हैं और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
शाम करीब पांच बजे की बात है। तेज हवाओं के साथ बारिश भी शुरू हो गई थी। सड़क के किनारे खड़ा विशाल चीड़ का पेड़ जड़ से हिला और सीधा चलती बोलेरो पर आ गिरा।
गाड़ी में चालक सहित सात लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर महिलाएं स्कूल अध्यापिकाएं थीं। पेड़ के भारी वजन और तेज रफ्तार की वजह से गाड़ी सड़क से फिसलकर नीचे जा गिरी।
मौके पर ही जान गंवाने वाली चार शिक्षिकाओं की पहचान स्नेह लता (पारलीधार कमांद), बंती कौंडल (लामीसेरी), उषा कुमारी (तराला जाओं) और सीमा आजाद (रोपड़ी) के रूप में हुई है। ये सभी इलाके की स्कूलों में बच्चों को पढ़ाती थीं। उनके अचानक चले जाने से परिवारों पर जैसे आसमान टूट पड़ा है।
हादसे में घायल होने वालों में गाड़ी चालक सुरेश चंद, तारा देवी (रोपड़ी) और रीना कुमारी (कठेहड़, सरकाघाट मंडी) शामिल हैं। स्थानीय लोगों की मदद से इन्हें तुरंत आनी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन सदमा बहुत गहरा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। एसपी कुल्लू मदन लाल कौशल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण तेज आंधी-तूफान ही है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया गया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
पूरे आनी इलाके में शोक का माहौल है। लोग एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं। कई स्थानीय लोगों ने कहा कि इस सड़क पर पहले भी पेड़ गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार नुकसान बहुत बड़ा हो गया। स्कूल शिक्षक संघों ने भी इस घटना पर दुख जताया है और मृतक परिवारों को उचित मुआवजा और नौकरी देने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। साथ ही ऐसे इलाकों में सड़क किनारे खड़े पुराने पेड़ों को हटाने के लिए भी प्रशासन को कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।