राष्ट्रीय

Himalayan Snowfall Crisis: उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी की भारी कमी, जल संकट का खतरा

उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी की भारी कमी से हिमालय में ‘स्नो ड्राउट’ की आशंका, जलवायु परिवर्तन से ग्लेशियर और नदियां प्रभावित।

2 min read
Jan 18, 2026
पहाड़ी राज्यों में दिसंबर-जनवरी में बर्फबारी में कमी से पर्यटन, वनाग्नि, जल संकट और कृषि पर प्रभाव जैसी चुनौतियां आ सकती है। (AI Generated Image)

Himalayan Snowfall Crisis: देश में हिमालयी रेंज के राज्य उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में इस बार सर्दी (2025-26) में बर्फबारी की कमी ने चिंता बढ़ा दी है। दिसंबर और जनवरी में उत्तराखंड में शून्य वर्षा दर्ज हुई, हिमाचल में दिसंबर में 1901 के बाद छठी सबसे कम बारिश हुई, जबकि जम्मू-कश्मीर में जनवरी में बहुत कम बर्फबारी हुई। पहाड़ों के शिखर बर्फ रहित और चट्टानी दिख रहे हैं।

वाडिया इंस्टीट्यूट देहरादून ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन से हिमालय तेजी से गर्म हो रहा है, जिससे बर्फबारी में कमी आ रही है। ग्लेशियर जल्दी पिघलेंगे, नदियों में पानी कम होगा और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड का खतरा बढ़ेगा।

ये भी पढ़ें

पटना हॉस्टल कांड : शाम ढलते ही हॉस्टल के बाहर लगती थी लग्जरी गाड़ियों की लाइन, पुलिस की रडार पर कई हाई-प्रोफाइल चेहरे

मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) में नमी की कमी, उथला ट्रफ (निम्न दबाव क्षेत्र) और उच्च अक्षांशों पर उत्तर की ओर गति के कारण बर्फबारी कम हुई। ये विक्षोभ पहले कश्मीर-हिमाचल को प्रभावित करते हैं, लेकिन उत्तराखंड तक कमजोर हो जाते हैं। पिछले दशक में उत्तराखंड में जनवरी में बहुत कम बारिश के 4 मौके आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी सर्दियां सूखी हो रही हैं, बर्फ की अवधि घट रही है। अंतर्राष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र (आइसीआइएमओडी ) रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2020-2025 के बीच 4 सर्दियों में बर्फ कम रही।

लंबे समय तक 'स्नो ड्राउट' की आशंका

आईएमडी के अनुसार को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी व बारिश हुई है और 18-20 जनवरी को हल्की-मध्यम बारिश व बर्फबारी की संभावना है, लेकिन सामान्य से कम रहेगी। यह 'स्नो ड्राउट' लंबे समय तक चल सकता है।

कम बर्फबारी से यह नुकसान

पहाड़ी राज्यों में दिसंबर-जनवरी में बर्फबारी में कमी से पर्यटन, वनाग्नि, जल संकट और कृषि पर प्रभाव जैसी चुनौतियां आ सकती है। वन सर्वेक्षण ऑफ इंडिया के अनुसार 1 नवंबर से अब तक उत्तराखंड में 1,600 से ज्यादा, हिमाचल में 600 और जम्मू-कश्मीर में 300 फायर अलर्ट आए हैं।

Published on:
18 Jan 2026 02:59 am
Also Read
View All

अगली खबर