
Assam CM Convoy: असम के सिलचर में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) के काफिले को रास्ता देने के लिए मरीज को ले जा रही एक एंबुलेंस को रोके जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद मुख्यमंत्री ने खुद इसे अस्वीकार्य बताया और मरीज तथा उसके परिवार से माफी मांगी। उन्होंने मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि बुधवार को सिलचर में उनके काफिले को रास्ता देने के लिए एक एंबुलेंस को रोका गया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के काफिले को कभी भी तत्काल इलाज की जरूरत वाले मरीज की जिंदगी से ज्यादा प्राथमिकता नहीं मिलनी चाहिए।
इसके बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने घटना पर मरीज और उसके परिवार से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही निर्देश दे रखे हैं कि मुख्यमंत्री के काफिले की आवाजाही से आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद सिलचर में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच के लिए एक जांच गठित करने को कहा है। सरमा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के काफिले से जुड़े निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना 30 सितंबर को सिलचर के रामनगर ISBT के पास हुई। मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने के दौरान पुलिस यातायात को नियंत्रित कर रही थी। इसी दौरान एंबुलेंस को कुछ समय के लिए रोका गया। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने घटना का वीडियो बनाया, जिसमें मुख्यमंत्री का काफिला गुजरने तक एंबुलेंस इंतजार करती दिखाई दे रही थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। मुख्यमंत्री उस दिन एक कार्यक्रम के लिए सिलचर में थे, जिसमें चुनाव से जुड़ी एक सार्वजनिक बैठक भी शामिल थी।
हिमंता बिस्वा सरमा पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि उनके काफिले की वजह से आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। सिलचर की घटना के बाद अब उनके इन निर्देशों को जमीन पर लागू किए जाने को लेकर सवाल उठे हैं। मुख्यमंत्री ने जांच के जरिए जिम्मेदारी तय करने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की बात कही है।