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हनी सिंह-बादशाह को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार: ‘सभ्य समाज में अश्लीलता नहीं’, Volume 1 गाना हटाने का आदेश

Honey Singh Badshah Volume 1 Controversy: दिल्ली हाई कोर्ट ने 18 साल पुराने विवादित गाने 'वॉल्यूम 1' को इंटरनेट से तुरंत हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसे सभ्य समाज के लिए कलंक बताया है और दोनों सिंगर्स को नोटिस जारी किया है।
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Apr 02, 2026
Honey Singh Badshah Volume 1 Controversy
Honey Singh Badshah Volume 1 Controversy (Image: Gemini)

Honey Singh Badshah Volume 1 Controversy: दिल्ली हाई कोर्ट ने मशहूर रैप सॉन्ग वॉल्यूम वन (Volume 1) को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गायक यो यो हनी सिंह (Yo Yo Honey Singh) और बादशाह (Badshah) को इस गाने को सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गाने के बोल ''अत्यंत अश्लील, आपत्तिजनक और महिलाओं के प्रति अपमानजनक'' हैं, जिन्हें किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

कोर्ट ने जताई कड़ी आपत्ति (Delhi High Court on Volume 1 Controversy)

जस्टिस पुरुषइंद्र कुमार कौरव की पीठ ने कहा कि यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है, जहां अदालत की अंतरात्मा तक झकझोर दी गई है। कोर्ट ने कहा कि गाने के बोल न सिर्फ आपत्तिजनक हैं, बल्कि महिलाओं को उपहास और यौन वस्तु के रूप में पेश करने को सामान्य बनाने की कोशिश करते हैं।

इंटरनेट से तुरंत गाना हटाने के आदेश (Volume 1 Controversy)

अदालत ने हनी सिंह, बादशाह और गाने से जुड़े अन्य अधिकार धारकों को निर्देश दिया कि वे इस गाने से जुड़े सभी लिंक (URLs) को सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाएं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे कंटेंट को ''कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता'' के नाम पर जारी रखना उचित नहीं ठहराया जा सकता, खासकर जब यह नाबालिगों की पहुंच में हो।

याचिका में क्या कहा गया?

यह मामला हिंदू शक्ति दल की ओर से दायर याचिका के बाद सामने आया। याचिका में कहा गया था कि यह गाना यूट्यूब समेत कई प्लेटफॉर्म्स पर अलग-अलग अकाउंट्स से अपलोड है और इसे लाखों बार देखा जा चुका है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि हाल ही में दिल्ली में हुए एक कॉन्सर्ट के दौरान इस गाने के कुछ हिस्सों को परफॉर्म किया गया था।

गूगल का पक्ष

सुनवाई के दौरान गूगल की ओर से बताया गया कि याचिका में बताए गए कई URLs पहले ही हटा दिए गए हैं और शिकायत निवारण की प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 7 मई तय की है।

Updated on:
02 Apr 2026 06:13 pm
Published on:
02 Apr 2026 06:13 pm