
Humayun Kabir on Mosque Loudspeaker Row: कोलकाता में मस्जिदों के लाउडस्पीकर को लेकर चल रहे विवाद के बीच एजेयूपी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि शोर की तय सीमा का पालन सभी को करना चाहिए। उनका कहना है कि मस्जिद हो या मंदिर, नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।
कबीर ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 65 डेसिबल से ज्यादा शोर की अनुमति नहीं देता है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से भी 65 डेसिबल की सीमा को लेकर आदेश दिया गया है।
हुमायूं कबीर ने कहा कि इस मामले में सरकार की ओर से स्पष्ट नोटिफिकेशन होना चाहिए। अगर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन नहीं है तो पुलिस को जबरन माइक्रोफोन नहीं हटाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी को सरकार के आदेश, नोटिफिकेशन और अदालत के निर्देशों का पालन करना चाहिए। कबीर ने कहा कि मस्जिद हो या मंदिर, नियम सभी के लिए लागू होने चाहिए।
पश्चिम बंगाल में होने वाले तीन उपचुनावों को लेकर भी हुमायूं कबीर से सवाल किया गया। इनमें दो विधानसभा सीटें और एक लोकसभा सीट शामिल है। कबीर ने कहा कि फिलहाल इन सीटों पर किसी पार्टी के साथ गठबंधन करने की कोई योजना नहीं है। उनके मुताबिक, अभी तक किसी पार्टी ने गठबंधन को लेकर उनसे संपर्क नहीं किया है।
इस बीच, मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है। 10 अगस्त को हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर जनहित याचिका दाखिल करने की अनुमति दी। याचिका में पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के कथित मौखिक निर्देशों को चुनौती देने की बात कही गई है। मामले पर आगे सुनवाई हो सकती है।
इसी मामले में हाईकोर्ट ने जमीयत-ए-उलेमा की विरोध रैली को भी अनुमति दी थी। मंगलवार को कोलकाता में राजाबाजार से मौलाली तक रैली निकाली गई। कोर्ट ने इसके लिए सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक का समय तय किया था और अधिकतम 750 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी थी।
पश्चिम बंगाल में लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। राज्य में धार्मिक स्थलों से बड़ी संख्या में लाउडस्पीकर हटाए गए हैं। सरकार का कहना है कि कार्रवाई शोर की तय सीमा और अदालत के निर्देशों के तहत की जा रही है।