भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में वर्षा और हिमपात की गतिविधियां 24 और 25 जनवरी को घटकर छिटपुट या हल्की से मध्यम स्तर की रह सकती हैं।
IMD Alert: उत्तर भारत के बड़े हिस्से में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौटने वाली है। independent weather observer द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपडेट के अनुसार, गुरुवार देर रात से मैदानी इलाकों में अत्यधिक ठंडी और शुष्क हवा का प्रवाह बढ़ने से उत्तर भारत के बड़े हिस्से में एक नई शीत लहर आने की संभावना है।
मौसम अपडेट के मुताबिक, 15 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम राजस्थान के कई शहरों में 24 से 26 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में 0 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।
हालांकि दिन में धूप खिली रहेगी, लेकिन अधिकतम तापमान 13 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। मौसम विशेषज्ञ ने कहा है कि अगले दो दिनों में घना कोहरा पड़ने की संभावना कम है, लेकिन लोगों को शुष्क ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में वर्षा और हिमपात की गतिविधियां 24 और 25 जनवरी को घटकर छिटपुट या हल्की से मध्यम स्तर की रह सकती हैं। हालांकि, 27 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में व्यापक बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 28 जनवरी को भी छिटपुट वर्षा के आसार हैं।
IMD के मुताबिक, 27 जनवरी को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश और हिमपात हो सकता है, जबकि इससे सटे उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
तापमान को लेकर IMD ने बताया कि अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभव है। 24 से 26 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा छा सकता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भी घने कोहरे की संभावना जताई गई है।
IMD ने यह भी कहा कि 25 और 26 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पाकिस्तान के ऊपर बना एक मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र, ऊपरी वायुमंडलीय तेज हवाएं और सक्रिय उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम, उत्तर भारत के मौजूदा मौसम को प्रभावित कर रही हैं।
IMD ने आगे बताया कि 26 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, बर्फबारी और ठंड और बढ़ सकती है।