
Weather Update: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तीन जुलाई के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान है, जिसके प्रभाव से इस सप्ताह देश के मध्य भागों में मानसून के लगातार सक्रिय रहने के आसार हैं।
मौसम विभाग की ओर से मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून आज मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश के कुछ भागों, उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों तथा हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि 2 से 4 जुलाई के दौरान कोंकण और गोवा में, दो और तीन जुलाई को मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में तथा तीन और चार जुलाई को दक्षिण गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने के आसार हैं। इसके अतिरिक्त, अगले दो-तीन दिनों के दौरान मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूरे दमन और दीव, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, पूरे जम्मू और कश्मीर, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब के अधिकांश हिस्सों सहित राजस्थान के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कोंकण-गोवा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और तटीय कर्नाटक में कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गयी।
विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जिसमें सबसे अधिक तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस राजस्थान के श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में 30 जून से तीन जुलाई के बीच आमतौर पर बादल छाये रहने और आंधी-तूफान एवं बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। दो और तीन जुलाई को दिल्ली में भारी बारिश के कारण तापमान में गिरावट आयेगी, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी कम रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने तेज हवाओं और भारी बारिश को देखते हुए देश के विभिन्न राज्यों के किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी है। इसके साथ ही पांच जुलाई तक मछुआरों को अरब सागर, गुजरात तट, कोंकण-गोवा तट, मन्नार की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी के अशांत क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गयी है।