
केतन हत्याकांड (Photo: X/@venom1s/IANS)
Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के मुताबिक, कथित हत्या से चार दिन पहले केतन अग्रवाल ने अपने पिता विशाल अग्रवाल से मंगेतर सिया गोयल को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। उसने कहा था कि सिया का फोन अक्सर बिजी रहता है और वह बातचीत के दौरान बार-बार चेतन चौधरी का नाम लेती है। केतन ने यह भी बताया था कि उसे शक है कि सिया का किसी और के साथ रिश्ता है।
हालांकि, परिवार ने उस समय उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों ने उसे समझाया कि सिया का परिवार परिचित है और दूर का रिश्तेदार भी है इसलिए उसे गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए।
मामले की जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, 14 जून को लोहागढ़ किले से लौटने के बाद केतन ने अपने पिता से पूछा था कि क्या सिया और उसके परिवार के बारे में पूरी तरह जांच-पड़ताल की गई है। अधिकारी के अनुसार, इसी बातचीत में केतन ने कहा था कि सिया का फोन हमेशा व्यस्त रहता है और वह अक्सर चेतन चौधरी का जिक्र करती है। उसने पिता से कहा कि उसे शक है कि सिया का किसी और के साथ अफेयर है।
परिवार के लोगों ने उसे भरोसा दिलाया कि सिया का परिवार उनके परिचितों में है और इसी वजह से उसकी आशंकाओं को ज्यादा महत्व नहीं दिया गया।
जांच अधिकारी के मुताबिक, यह पहली बार नहीं था जब केतन ने सिया को लेकर अपनी चिंता परिवार के सामने रखी हो। उसने इससे पहले भी कई मौकों पर अपने पिता से सिया के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए थे। बताया कि 4 जून को सिया ने केतन को लोहागढ़ किला चलने के लिए मनाने की कोशिश की थी। जब यह ट्रिप नहीं हो सकी तो वह काफी रोई और नाराज हो गई। बाद में केतन ने यह बात भी अपने पिता को बताई थी।
जांच के अनुसार, 6 जून को केतन और सिया प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने वाले थे। लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने पर केतन का पासपोर्ट नहीं मिला जिसके कारण पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी। पुलिस का दावा है कि सिया ने रास्ते में केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया था और बाद में उसे पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर स्थित एक फूड मॉल के महिला शौचालय में फेंक दिया। पुलिस अभी भी पासपोर्ट बरामद करने की कोशिश कर रही है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि बाली ट्रिप रद्द होने के बाद करीब एक महीने तक सिया और केतन के बीच लगातार झगड़े होते रहे। केतन ने इसकी जानकारी भी अपने पिता को दी थी लेकिन परिवार ने इसे सामान्य पारिवारिक मतभेद मानकर ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया 31 मई और 14 जून को भी केतन के साथ लोहागढ़ किला गई थी। 4 जून को भी वहां जाने की योजना बनी थी लेकिन परिवार के विरोध के कारण वह यात्रा नहीं हो सकी। इसके बाद 18 जून को सिया एक बार फिर केतन को लोहागढ़ किला लेकर पहुंची। पुलिस का आरोप है कि उस समय चेतन चौधरी पहले से वहां मौजूद था। जांच के मुताबिक, जैसे ही सिया तय संकेत के तहत जमीन पर बैठी, चेतन ने पीछे से आकर केतन को करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया।
पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि सिया और चेतन ने पहले से पूरी साजिश तैयार की थी। आरोप है कि 17 जून को दोनों ने पुणे के एक कैफे में मुलाकात कर योजना पर चर्चा की थी। घटना वाले दिन चेतन पहले ही लोहागढ़ किले पर पहुंच गया था ताकि किसी को उस पर शक न हो। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।
Updated on:
30 Jun 2026 08:12 pm
Published on:
30 Jun 2026 07:10 pm
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