राष्ट्रीय

Weather Alert: सितंबर में कैसा रहेगा मानसून? मौसम विभाग ने बारिश और तापमान को लेकर दिया बड़ा अपडेट

IMD Alert: सितंबर में बारिश की कमी के साथ तापमान भी चिंता बढ़ा सकता है। देश के अधिकांश हिस्सों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान भी ज्यादातर क्षेत्रों में सामान्य से अधिक रह सकता है।
2 min read
Sep 01, 2026
weather update
IMD ने दिया बड़ा अपडेट। जानिए एक महीने का मौसम का हाल (सोर्स आईएएनएस और IMD)

Monsoon Alert: अगस्त में बारिश औसत से कम हुई है। अब सितंबर को लेकर भी मौसम विभाग ने चिंता बढ़ाने वाला अनुमान जारी किया है। IMD के मुताबिक, सितंबर में देशभर में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। वहीं तापमान भी कई इलाकों में सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के इस अनुमान का असर खेती से लेकर पानी की उपलब्धता तक पड़ सकता है। कुछ राज्यों में बारिश कम होने से गर्मी और उमस का असर भी बढ़ सकता है। हालांकि, देश के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। ऐसे में सितंबर में मौसम का मिजाज हर जगह एक जैसा नहीं रहेगा।

सितंबर में 9 फीसदी तक कम बारिश का अनुमान

IMD के मुताबिक, सितंबर में देशभर में औसत बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज यानी LPA के 91 फीसदी से कम रह सकती है। सितंबर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 167.9 मिलीमीटर माना जाता है। इसका मतलब है कि इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। अगस्त में भी कई इलाकों में बारिश कम हुई थी। अब सितंबर में भी कमी की संभावना ने चिंता बढ़ा दी है।

हालांकि, सभी इलाकों में बारिश कम नहीं होगी। IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य और सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर, पूर्वी और मध्य-पूर्वी हिस्सों में भी कुछ इलाकों में अच्छी बारिश की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में भी सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। यानी बारिश का चक्र असमान रहने की संभावना है।

तापमान भी बढ़ाएगा परेशानी

सितंबर में सिर्फ बारिश ही चिंता का कारण नहीं है। तापमान भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। IMD के मुताबिक, देश के ज्यादातर हिस्सों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। रात का न्यूनतम तापमान भी कई क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा रह सकता है।

बारिश कम होने और तापमान बढ़ने का सीधा असर पड़ सकता है। खासकर उन इलाकों में जहां लंबे समय तक बारिश नहीं होगी, वहां गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है।

IMD ने बारिश की कमी के संभावित असर को लेकर भी चेतावनी दी है। इसका असर खेती, जल संसाधनों और जलविद्युत उत्पादन पर पड़ सकता है। पेयजल की उपलब्धता और स्थानीय पारिस्थितिकी पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

अल नीनो ने बढ़ाई मौसम विभाग की चिंता

सितंबर के मौसम पर अल नीनो का असर भी महत्वपूर्ण हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में इस समय मजबूत अल नीनो परिस्थितियां बनी हुई हैं।

मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा है। आने वाले महीनों में अल नीनो के और मजबूत होने का अनुमान है। वहीं हिंद महासागर में इंडियन ओशन डाइपोल यानी IOD की स्थिति सितंबर तक न्यूट्रल रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय जलवायु केंद्रों के अनुमान में सितंबर से सकारात्मक IOD बनने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में सितंबर का मौसम कई तरह के बदलाव दिखा सकता है। कुछ इलाकों में बारिश राहत दे सकती है। वहीं कई हिस्सों में कम बारिश और ज्यादा तापमान परेशानी बढ़ा सकता है।