Rule On Silver Import: सरकार ने चांदी के आयात को प्रतिबंधित श्रेणी में डालते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब चांदी आयात के लिए सरकारी लाइसेंस जरूरी होगा। इससे पहले सोने-चांदी पर आयात शुल्क 15% किया गया था।
Rule On Silver Import: भारत सरकार ने चांदी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने शनिवार को फैसला लिया कि अब चांदी का आयात 'प्रतिबंधित श्रेणी' में रखा जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब कोई भी कारोबारी या कंपनी बिना सरकारी अनुमति के चांदी आयात नहीं कर सकेगी। अब तक चांदी का आयात फ्री कैटेगरी में था, यानी ज्यादा पाबंदियां नहीं थीं। सोने के बाद अब चांदी को लेकर भी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। बदले हुए नियमों के तहत, चांदी की छड़ें, बिना गढ़ी चांदी और सेमी-मैन्युफैक्चर्ड चांदी के कई फॉर्म, जिसमें पाउडर के रूप में चांदी भी शामिल है, के इंपोर्ट के लिए अब सरकारी मंजूरी अनिवार्य होगी।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश में सोने और चांदी का आयात तेजी से बढ़ रहा है और इससे व्यापार घाटे पर दबाव पड़ रहा है। माना जा रहा है कि सरकार कीमती धातुओं के आयात पर सख्ती करके विदेशी मुद्रा के बढ़ते खर्च को नियंत्रित करना चाहती है।दरअसल, कुछ दिन पहले ही सरकार ने सोने, चांदी और प्लैटिनम पर आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी की थी। 13 मई से सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी गई। वहीं प्लैटिनम पर शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया।
सरकार सिर्फ शुल्क बढ़ाने तक ही नहीं रुकी। सोने के आयात पर भी नई सीमा तय कर दी गई है। अब अग्रिम मंजूरी के जरिए अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही आयात किया जा सकेगा। खास बात यह है कि जो कारोबारी पहली बार आयात की मंजूरी मांगेगा, उसकी यूनिट का फिजिकल निरीक्षण भी किया जाएगा। अधिकारी यह जांच करेंगे कि फैक्ट्री वास्तव में मौजूद है या नहीं, उसकी क्षमता कितनी है और वह चालू हालत में है या नहीं।
सरकारी आंकड़े भी बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों में सोने-चांदी का आयात काफी तेजी से बढ़ा है। अप्रैल महीने में भारत का सोना आयात करीब 82 प्रतिशत बढ़कर 5.62 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं चांदी का आयात 157 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर हो गया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो सोने का आयात मूल्य के हिसाब से रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। हालांकि मात्रा के लिहाज से इसमें थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ चांदी के आयात में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। पिछले वित्त वर्ष में चांदी का आयात करीब 150 प्रतिशत बढ़ गया।