Congress Working Committee: कांग्रेस की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस की कार्यकारी समिति (CWC) की बैठक शनिवार को आयोजित हुई। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, और शशि थरूर सहित कई बड़े नेता शामिल हुए।
MGNREGA Protest: दिल्ली में शनिवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, शशि थरूर समेत कई बड़े नेता शामिल रहे। बैठक के बाद खरगे और राहुल गांधी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 5 जनवरी से देशव्यापी मनरेगा बचाओ आंदोलन की शुरुआत होगी।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में SIR से जुड़े मुद्दे और G Ram G Bill के साथ बांग्लादेश में फैल रही अशांति और हिंदुओं पर हुए हमले जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बैठक के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि लोग मनरेगा को रद्द किए जाने के फैसले से नाराज हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार को इसके लिए परिणाम भुगतने होंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंदिरा भवन में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना (NREGA) को बंद करने के सरकारी फैसले का विरोध किया जाएगा। साथ ही उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने के लिए देशव्यापी अभियान, 'मनरेगा बचाओ अभियान,' की आवश्यकता को रेखांकित किया और 5 जनवरी से इस अभियान को शुरू करने की घोषणा की।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बांग्लादेश में फैल रही अशांति का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रही हिंसा देश के लिए चिंता की बात है। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और सख्त कदम उठाने की मांग की।
साथ ही उन्होंने BJP और RSS पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "दो दिन पहले Christmas के मौके पर कई इलाको में बीजेपी, RSS और इनसे संबंधित संगठनों के लोगों ने भाईचारा और सौहार्द बिगाड़ने का काम किया। इससे दुनिया के सामने हमारी छवि धूमिल हुई है।"
इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने SIR पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने SIR को देश के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बताया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के बहाने लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने के लिए षडयंत्र किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस साजिश को उजागर करने के लिए हमने बार-बार इसके प्रमाण दिए हैं। हमने वोट चोरी के सबूत देश के सामने भी रखे हैं।
साथ ही उन्होंने वोटरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने की भी बात कही। खरगे ने कहा कि हमें देखना होगा कि मतदाता सूची से गरीब और कमजोर तबकों के लोगों के नाम न हटें, खासतौर पर दलित, आदिवासी, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के नाम। साथ ही उन्होंने वोटरों के वोटिंग बूथ बदलने का भी विरोध किया।