बांग्लादेश में चुनाव से पहले हिंसा जारी है। इधर, राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कहा जा रहा है चुनाव से पहले NCP और जमात के बीच गठबंधन हो सकता है।
Bangladesh elections: बांग्लादेश में हिंसा की स्थिति जारी है। दो महीने बाद देश में चुनाव है। BNP नेता तारिक रहमान 17 साल बाद वतन वापस लौटे हैं। तारिक के लौटते ही BNP के कार्यकर्ताओं का जोश हाई है। दूसरी तरफ शेख हसीना की सरकार गिराने वाली छात्रों की पार्टी NCP में फूट की स्थिति है। माना जा रहा है कि NCP आने वाले दिनों में जमात ए इस्लामी के साथ गठजोड़ कर सकती है।
बांग्लादेश की मीडिया ने कहा कि NCP और जमात-ए-इस्लामी के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है। NCP ने 50 सीटों की डिमांड रखी है, लेकिन जमात 30 से ज्यादा सीटें देने को राजी नहीं है।
NCP वही राजनीतिक दल है, जिसे उन छात्र नेताओं ने मिलकर खड़ा किया था। छात्र नेताओं के प्रदर्शन के बाद हसीना की सरकार गिर गई थी और बांग्लादेश की कमान मोहम्मद युनूस की अंतरिम सरकार के पास आ गई थी। NCP पर लंबे समय से यूनुस के संरक्षण में होने के आरोप लगते रहे हैं। दूसरी ओर, अवामी लीग फिलहाल प्रतिबंधित होने के कारण चुनावी दौड़ से बाहर है।
NCP को सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भले ही पहचान मिली हो, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका सांगठनिक विस्तार बेहद सीमित रहा है। 350 सीटों वाले बांग्लादेशी पार्लियामेंट (350) में वह शहरी क्षेत्रों तक सीमित है। पार्टी अब महज 30 से 50 सीटों तक की सौदेबाजी तक सिमटती दिख रही है।
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अस्वस्थ होने के बाद BNP की कमान पूरी तरह से तारिक रहमान के पास है। बीत दिनों जब वह ढाका पहुंचे थे तो लाखों लोग सड़कों पर उतर आए थे। तारिक ने अपने पहली सार्वजनिक संबोधन में मार्टिन लूथर किंग जूनियर की मशहूर लाइन आई हैव ए ड्रीम का जिक्र करते हुए कहा- मेरे देश के लिए एक प्लान है। उनके वापसी से बांग्लादेश में BNP की लहर चलने की संभावना जताई जा रही है।