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इंडिगो एयरलाइंस का बड़ा फैसला, 6 इंटरनेशनल रूटों पर 1 जुलाई से उड़ानें सस्पेंड

IndiGo News: इंडिगो ने बढ़ती ट्रांसपोर्टेशन लागत, कम डिमांड और एयरस्पेस प्रतिबंधों के चलते छह अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानें अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दी हैं। जानिए किन शहरों पर पड़ा असर और एयरलाइन ने यह फैसला क्यों लिया।

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Jun 04, 2026
IndiGo Flight Suspensions
IndiGo

IndiGo: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक इंडिगो ने अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी ने कम डिमांड, बढ़ते ट्रांसपोर्टेशन खर्च और अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों पर जारी प्रतिबंधों का हवाला देते हुए कई विदेशी देशों के लिए उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से लंगकावी, क्राबी, हो ची मिन्ह सिटी, हांगकांग और शंघाई के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दी जाएंगी। वहीं सिएम रीप के लिए उड़ानों का संचालन 3 जुलाई 2026 से रोका जाएगा। यह व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी और इसके बाद 1 अक्टूबर से इन मार्गों पर बुकिंग दोबारा शुरू करने की योजना है। इसके साथ ही ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर के लिए शुरू की गई सेवा भी फिलहाल बंद की जाएगी।

इंडिगो का क्या क्या कहना है?


इंडिगो का कहना है कि हर साल जुलाई से सितंबर के बीच यात्रा की मांग अपेक्षाकृत कम रहती है। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कुछ रूट्स पर क्षमता घटाने का फैसला लिया गया है ताकि ट्रांसपोर्टेशन को संतुलित रखा जा सके और बाकी नेटवर्क पर सेवाएं सुचारु रूप से जारी रहें। हालांकि इन रूट्स पर उड़ानें रोकी जा रही हैं, लेकिन एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि वह अभी भी हर सप्ताह 1,800 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन कर रही है। कंपनी ने यह कदम नेटवर्क के बढ़िया संचालन और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के मकसद से उठाया है।

मिडिल ईस्ट की स्थिति और ईंधन कीमतों का असर


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुए तनाव, खासकर मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बनी परिस्थितियों के कारण कई उड़ानों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे यात्रा का समय बढ़ रहा है और ईंधन की खपत भी ज्यादा हो रही है। इसके अलावा विमान ईंधन की बढ़ती कीमतें, कुछ देशों के हवाई क्षेत्र में लगी पाबंदियां और विदेशी मुद्रा एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव भी एयरलाइन के खर्च को प्रभावित कर रहे हैं। कंपनी का कहना है कि इन परिस्थितियों के चलते ट्रांसपोर्टेशन लागत शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक बढ़ गई है।

फिलहाल इंडिगो इसे स्थायी बंदी नहीं बल्कि अस्थायी कदम बता रही है। आने वाले महीनों में बाजार की स्थिति और ट्रांसपोर्टेशन लागत में सुधार होने पर इन सेवाओं की वापसी की संभावना बनी हुई है।

Updated on:
04 Jun 2026 09:27 pm
Published on:
04 Jun 2026 09:19 pm