
INDIA bloc protest march : नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के घेराव के लिए निकले विपक्ष के विरोध मार्च को रोके जाने के बाद राजधानी दिल्ली में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के विरोध में विपक्षी दलों के कई सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में ही धरने पर बैठ गए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है।
मार्च रोके जाने के बाद आकाशवाणी परिसर से कांग्रेस सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का दफ्तर यहां से मात्र 100 मीटर की दूरी पर है, लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को वहां जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्हें यहीं रोक दिया गया है। देश की राजधानी में लोकतंत्र का यह हाल है। खेड़ा ने कहा कि यह प्रदर्शन देश की 64 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले जन प्रतिनिधियों की आवाज है।
वहीं, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने आरोप लगाया कि चुनाव व्यवस्था में हो रही गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक टिप्पणियां कर चुका है, इसलिए विपक्ष को सड़कों पर उतरना पड़ा है। शुक्ला ने एक भाजपा प्रवक्ता के बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों और संस्थाओं को लेकर अमर्यादित टिप्पणियां की जा रही हैं, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों और प्रदर्शन पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे हताशा का परिणाम बताया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा।
त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस का 'प्रथम परिवार' लोकतंत्र के छलावे में पिछले चार पीढ़ियों से वास्तव में राजशाही चलाता आ रहा है। जिन लोगों ने खुद दशकों तक लोकतंत्र का गला घोंटा, वे आज निष्पक्ष संस्थाओं पर सवाल उठाकर विरोध का ढोंग कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए विपक्षी दल अब आकाशवाणी जैसे लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थानों की गरिमा को नुकसान पहुंचाने और उनमें घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं।