
FDI in India: भारत में विदेशी निवेश के मामले में अच्छी खबर सामने आई है। भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि अप्रैल से जून के बीच हुई है। इस अवधि के बीच देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 6 फीसदी बढ़कर 19.81 अरब डॉलर हो गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 18.62 अरब डॉलर था। यह जानकारी उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के आंकड़ों में सामने आई है।
महीने के हिसाब से देखें तो अप्रैल 2026 में FDI करीब दोगुना होकर 12.1 अरब डॉलर पहुंच गया। अप्रैल 2025 में यह 6.6 अरब डॉलर था। हालांकि, मई में विदेशी निवेश घटकर 2.8 अरब डॉलर रह गया। इसके बाद जून में इसमें कुछ सुधार हुआ और FDI 4.91 अरब डॉलर रहा। इक्विटी निवेश, दोबारा निवेश से हुई कमाई और अन्य पूंजी को मिलाकर कुल FDI अप्रैल से जून में करीब 22 फीसदी बढ़कर 30.65 अरब डॉलर हो गया।
अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सबसे ज्यादा FDI जापान से 5.71 अरब डॉलर आया। इसके बाद सिंगापुर से 5.22 अरब डॉलर, मॉरीशस से 2.31 अरब डॉलर, नीदरलैंड से 1.38 अरब डॉलर, अमेरिका से 1.34 अरब डॉलर और UAE से 868 मिलियन डॉलर का निवेश आया।
अमेरिका से आने वाले FDI में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल-जून 2026-27 में अमेरिका से निवेश 1.34 अरब डॉलर रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 5.61 अरब डॉलर था। यानी इसमें 76 फीसदी से ज्यादा की कमी आई। UAE से भी निवेश घटकर 868 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछले साल पहली तिमाही में 1 अरब डॉलर था।
FDI पाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में सर्विस सेक्टर 7.04 अरब डॉलर के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2.84 अरब डॉलर, ट्रेडिंग में 1.92 अरब डॉलर, गैर-पारंपरिक ऊर्जा में 1.24 अरब डॉलर और ऑटो सेक्टर में 622 मिलियन डॉलर का निवेश आया।
राज्यों में तमिलनाडु ने सबसे ज्यादा 5.95 अरब डॉलर का FDI हासिल किया। महाराष्ट्र 4.22 अरब डॉलर के साथ दूसरे, दिल्ली 2.67 अरब डॉलर के साथ तीसरे, कर्नाटक 2.11 अरब डॉलर के साथ चौथे और गुजरात 1.3 अरब डॉलर के साथ पांचवें स्थान पर रहा।