
India Hydrogen Train: भारतीय रेलवे ने देश की पहली दैनिक हाइड्रोजन ईंधन सेल (Hydrogen Fuel Cell) ट्रेन सेवा को मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना साफ और एनर्जी रेल परिवहन की दिशा में बड़ा कदम है। ट्रेन 1200 किलोवाट के हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम रफ्तार 75 किमी प्रति घंटा होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010/74009 के रूप में चलेगी। ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच कई स्टेशनों पर व्यावसायिक ठहराव करेगी। इनमें जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांभेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, राभड़ा, लाठ, मोहाना, हरियाणा और बरवासनी स्टेशन शामिल हैं।
रेलवे ने जून में दिल्ली और जींद के बीच हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल रन किया था। इस दौरान इमरजेंसी ब्रेकिंग दूरी और ट्रेन के कंपन जैसे महत्वपूर्ण टेक्निकल टेस्ट किया गया। इससे पहले मई में रेलवे ने उत्तरी रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर 10 कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन शुरू करने को मंजूरी दी थी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन 1200 किलोवाट हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम से चलेगी और अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेगी। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक में हाइड्रोजन की केमिकल रिएक्शन से बिजली पैदा की जाती है। इस प्रक्रिया में केवल जलवाष्प निकलती है। यही वजह है कि इसे डीजल और अन्य ईंधन आधारित ट्रेनों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प माना जा रहा है।
रेलवे ने इस पायलट परियोजना के लिए हरियाणा के जींद को चुना है। यहां स्वदेशी तकनीक से विकसित हाइड्रोजन भंडारण और रीफ्यूलिंग सुविधा तैयार की गई है।पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) ने संपीड़ित हाइड्रोजन गैस के भंडारण और वितरण के लिए आवश्यक लाइसेंस भी जारी कर दिया है। रीफ्यूलिंग के लिए हाइड्रोजन कंप्रेशन सिस्टम लगाया गया है और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए एक स्टैंडबाय कंप्रेसर की भी व्यवस्था की जा रही है।
इस परियोजना के शुरू होने के साथ भारत उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जो हाइड्रोजन आधारित रेल सिस्टम पर काम कर रहे हैं। इनमें जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देश पहले से इस टेक्नोलॉजी का टेस्ट या संचालन कर रहे हैं।