राष्ट्रीय

बिना डीजल-बिजली के दौड़ेगी ट्रेन! भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का रूट तय, जानें कितना होगा किराया और क्या है खास?

India First Hydrogen Train: भारत में जल्द पहली हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrogen Train) अपनी पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह ट्रेन न केवल पर्यावरण का ध्यान रखेगी, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगी।
2 min read
Jan 08, 2026
India First Hydrogen Train
AI-generated photo

India First Hydrogen Train: भारतीय रेलवे पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन जींद से सोनीपत रूट पर जल्द शुरू होने वाली है। ट्रेन चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार हो चुकी है और जींद स्टेशन पहुंच गई है। ट्रायल रन 26 जनवरी 2026 से शुरू होने की उम्मीद है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में 20-21 जनवरी का जिक्र है। यह ट्रेन जीरो एमिशन वाली होगी और आम यात्रियों के लिए किफायती साबित होगी।

रूट और दूरी: 89-90 किमी का सफर मात्र एक घंटे में

ट्रेन हरियाणा के जींद जंक्शन से सोनीपत जंक्शन तक चलेगी। कुल दूरी 89-90 किलोमीटर है। रास्ते में स्टॉपेज: जींद सिटी, पांडु पिंडारा, भंभेवा, गोहाना, मोहाना आदि (कुल 6-7 स्टेशन)। वर्तमान में डीएमयू ट्रेन यह सफर 2 घंटे में पूरा करती है, जबकि हाइड्रोजन ट्रेन इसे 1 घंटे से कम समय में तय करेगी।

किराया मात्र 5 से 25 रुपये

सबसे बड़ी राहत किराए को लेकर है। जींद से सोनीपत तक एकतरफा किराया अधिकतम 25 रुपये होगा, जबकि न्यूनतम किराया 5 रुपये। छोटे स्टेशनों के लिए 5 रुपये और पूरे रूट के लिए 25 रुपये। यह छात्रों, नौकरीपेशा और दैनिक यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा।

ट्रेन की खासियतें: दुनिया की सबसे पावरफुल हाइड्रोजन ट्रेन

यह ट्रेन 2400 किलोवाट (दो पावर कार) क्षमता वाली है। इसमें 8-10 पैसेंजर कोच होंगे, जिनमें ऑटोमेटिक दरवाजे, एयर कंडीशनिंग, डिजिटल डिस्प्ले और मॉडर्न डिजाइन जैसी सुविधाएं। क्षमता: 2500-2600 यात्रियों की। डिजाइन स्पीड 150 किमी/घंटा, ऑपरेशनल स्पीड 110-140 किमी/घंटा। यह इलेक्ट्रोकेमिकल तकनीक पर काम करती है – पानी से हाइड्रोजन बनाकर चलती है, केवल भाप और पानी छोड़ती है। कोई धुआं या शोर नहीं।

स्वदेशी तकनीक और ग्रीन एनर्जी

प्रोजेक्ट RDSO और स्पेनिश कंपनी ग्रीन एच के सहयोग से पूरा हुआ। जींद में देश का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट लगा है, जो इलेक्ट्रोलिसिस से हाइड्रोजन बनाएगा। ट्रेन की लागत करीब 89 करोड़ रुपये। यह मेक इन इंडिया और ग्रीन इंडिया का प्रतीक है, जो डीजल पर निर्भरता कम करेगा।

लॉन्च की तैयारी: ट्रायल रन शुरू

ट्रेन का अंतिम परीक्षण चल रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के उद्घाटन की उम्मीद है। सफल ट्रायल के बाद नियमित संचालन शुरू होगा। यह भारत को जर्मनी, चीन जैसे देशों की श्रेणी में ला खड़ा करेगा। बताया जा रहा है कि यह ट्रेन न केवल तेज और सुविधाजनक होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मील का पत्थर साबित होगी।

Updated on:
08 Jan 2026 09:22 pm
Published on:
08 Jan 2026 09:22 pm